धौरहरा क्षेत्र में कटान करती घाघरा। संवाद
ईसानगर। तहसील क्षेत्र के गांवों में घाघरा नदी का कहर जारी है। नदी गांव डुंडकी में तेजी से कटान कर रही है।
बुधवार को छह घर घाघरा नदी में समा गए। गांव के अन्य घर भी कटान की जद में हैं। ग्रामीण खुद अपने घर उजाड़ने को मजबूर हैं। इस गांव के ग्रामीण करीब 15 वर्ष पहले भी घाघरा नदी के कटान का शिकार हुए थे। 50 घरों वाले इस गांव पर फिर घाघरा नदी की नजर टेढ़ी हो गई है। कुछ ही दिन में नौ घर नदी में समा चुके हैं। नदी के कटान से जदुरई, रामप्रकाश, शंकर, मल्हू, अमिरका और विक्रम बेघर हो गए हैं। सूचना पर हल्का लेखपाल शशांक शेखर शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। संवाद
शारदा नदी के उफनाने से कटान थमा, एक पेड़ समाया
महेवागंज। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से निघासन के ग्रंट नं. 12 गांव में हो रहे कटान से बुधवार को ग्रामीणों को कुछ राहत मिली। हालांकि, पीपल का एक पेड़ नदी में समा गया। ग्रामीण तीसरे दिन भी कटान को रोकने की कोशिश करते रहे। बोरियों में मिट्टी, रेता भर कर कटानस्थल पर डालते रहे। ग्रामीणों को आशंका है कि उफान कम होने से नदी का कटान तेज हो सकता है।
बनबसा डैम से छोड़े गए अतिरिक्त पानी से शारदा नदी फिर उफान पर है। फूलबेहड़ में शारदा तटबंध के अंदर नदी किनारे बसे गांव, खेत खलिहान और चकमार्ग पर बाढ़ का पानी भर गया है। बाढ़ में पुल पुलिया और रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए है। इससे आवागमन में लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। संवाद