छह दिन बीतने के बाद भी तेज आंधी से गिरे बिजली के टॉवर खड़े नहीं हो सके हैं। पांच घंटे मिलने वाली बिजली सप्लाई में भी एक घंटे की कटौती की जा रही है। इससे यहां के उपभोक्ता परेशान हैं।
रविवार को आई तेज आंधी और बारिश में खंभारखेड़ा के तीन टावर और निघासन पलिया की मेन सप्लाई के दो टावर गिर गए थे। टावर गिरने से त्रिकौलिया-सिसैया मार्ग बंद हो गया था। अब तक विभाग ने इन तारों को हटाने की जहमत नहीं उठाई है। त्रिकौलिया ग्राम प्रधान विनोद वर्मा और खरवहिया प्रधान भानु वर्मा ने आरोप लगाया है कि खंभारखेड़ा से आने वाली लाइन एक माह पहले बिछाई गई थी। नए खंभे और नई लाइन होने के बाद टॉवर गिरना इनकी क्वालिटी की पोल खोल रहे हैं। सड़क पर गिरे तार न हटाने से आवागमन बाधित है। रायपुर के पास 132 केवीए निघासन-पलिया लाइन के खंभे गिरने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
धौरहरा से लाइन को जोड़कर 24 घंटे में पांच घंटे बिजली देने का रोस्टर बिजली विभाग ने जारी किया है। इसके बावजूद यहां पर चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है। सुबह 5.45 के स्थान पर 6.10 बजे बिजली आई। बिजली की आवाजाही कुछ इस तरह रही।
जेई अजय कुशवाहा ने बताया कि गिरे टॉवरों को ठीक कराया जा रहा है। अधिक लोड के कारण ट्रिपिंग हो रही है। फिलहाल लाइन ठीक करने में एक सप्ताह का समय और लग जाएगा।