शहर की एक लाइब्रेरी की जांच करते अग्निशमन अधिकारी। स्रोत : विभाग
- फोटो : 1
लखीमपुर खीरी। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद शासन के सख्त रुख का असर जिले में भी दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने कोचिंग संस्थानों व लाइब्रेरी की जांच तेज कर दी है।
बुधवार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अक्षय रंजन शर्मा के नेतृत्व में शहर के करीब 10 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की जांच की गई। जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि छह संस्थान बेसमेंट में संचालित हो रहे थे।
अग्निशमन विभाग ने इसे गंभीर सुरक्षा जोखिम मानते हुए संबंधित संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है। सीएफओ ने बताया कि सभी छह संस्थानों को नोटिस जारी किया जा रहा है और उन्हें एक सप्ताह के भीतर बेसमेंट से संचालन बंद कर सुरक्षित स्थान पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय के भीतर निर्देशों का पालन न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पलिया में भी अग्निशमन विभाग ने व्यापक जांच अभियान चलाया। अग्निशमन द्वितीय अधिकारी राहुल कुमार वर्मा के नेतृत्व में टीम ने कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यार्थियों के आवागमन के लिए निकास मार्ग, आपातकालीन स्थिति में बचाव की व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और पर्याप्त वेंटिलेशन की जांच की गई।
जहां कहीं भी सुरक्षा मानकों में कमी मिली, वहां संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। अग्निशमन विभाग की टीम ने विद्यार्थियों और भवन स्वामियों को भी आपदा की स्थिति में अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और सुरक्षित निकासी के तरीकों का प्रशिक्षण दिया।
अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जिलेभर में ऐसे संस्थानों की जांच लगातार जारी रहेगी।
शहर की एक लाइब्रेरी की जांच करते अग्निशमन अधिकारी। स्रोत : विभाग- फोटो : 1