कस्बे से महज आधा किलोमीटर दूर सीतापुर ब्रांच नहर के कट जाने से सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। इससे कई गांवों में जलभराव हो गया है। खेतों में जलभराव होने से फसलें नष्ट हो रहीं हैं। अप्रैल में बेमौसम हुई बारिश से फसलों को हुए नुकसान के बाद अब किसानों को यह दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से शारदा ब्रांच नहर उफनाई हुई है। शनिवार रात पानी के दबाव के कारण बांकेगंज के निकट करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित इसकी सहयोगी सीतापुर ब्रांच नहर गांव देबीपुर के पास कट गई। नहर का पानी खेतों में भरने लगा। देखत ही देखते किसानों के खेतों में खड़ी सैकड़ों एकड़ धान और गन्ने की फसलें जलमग्न हो गईं। किसान मुश्ताक अली, इरफान अली, रघुनाथ प्रसाद, ओमप्रकाश, राकेश आदि की फसलें पानी में डूब गईं। साथ ही आधा दर्जन से अधिक गांवों टोड़ीपुर, बेचापुर, ख्रैरताली, नीमगांव, पिपरिया, जवाहरपुर आदि को जोड़ने वाली सड़कों पर पानी भर गया।
कस्बे के पास कोई नदी न होने से यहां कभी बाढ़ नहीं आती। बरौंछा नाले से सीपेज की समस्या जरूर रहती है लेकिन इस बार नहर कटने से कस्बे के आसपास बाढ़ जैसा नजारा दिख रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत नहर विभाग के अधिकारियों से की है। ग्रामीणों की सूचना पर नहर विभाग के एई रहमतुल्ला सिद्दीकी ने मौके पर पहुंच कर नहर को बांधने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि नहर का पानी रोका जा रहा है। उधर किसानों ने आरोप लगाया कि नहर विभाग की लापरवाही के चलते नहर कटने से उनकी फसलों में पानी भरने से वे बर्बाद हो गईं हैं। किसानों ने नहर विभाग के अधिकारियों से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग की है।
विधायक ने जलभराव का जायजा लिया
बांकेगंज कस्बे के निकट नहर कटने की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी ने वहां पहुंचकर जलभराव का जायजा लिया। इस दौरान वहां मौजूद किसानों ने खेतों में पानी भरने से बर्बाद हुई फसलों को दिखाया। विधायक ने इससे पीड़ित किसानों को ढाढ़स बंधाते हुए हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।