जिंदा किसान अपनी फसल के नुकसान का मुआवजा पाने को अफसरों के फेरे लगा रहे हैं। आरोप है कि रामनगर कलां में दस साल पहले मर चुके किसानों के नाम राहत की चेक जारी की गई हैं। परेशान किसान शनिवार को बिजुआ में डीएम के मुआयने की खबर सुनकर अपना दुखड़ा सुनाने पहुंचे थे लेकिन डीएम के न आने पर मायूस लौट गए। अब सोमवार को जिले पर किसान इस गड़बड़झाले की शिकायत करने पहुंचेंगे। वहीं इस मामले में तहसीलदार बोले कि शिकायत करने वाले ही फर्जी होंगे।
बिजुआ में जिलाधिकारी किंजल सिंह के आने की खबर सुनकर ब्लाक पहुंचे किसान अधिकारियों के न आने पर मायूस होकर लौट गए। किसानों का आरोप है कि प्राकृतिक आपदा में राहत के नाम पर चेक जारी करने में मृतक किसानों को तरजीह दी गई है। वहीं उनके खेतों में गेहूं की फसल का नुकसान हुआ था लेकिन उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया। साथ ही आरोप लगाया कि कई साल से विदेश में रह रहे और गांव छोड़कर जा चुके लोगों के नाम भी चेक बनी हैं। शिकायत करने वाले किसानों ने अपनी शिकायत में मृत किसानों के नाम भी दिए हैं।
-इन मृतकों के नाम बनी हैं चेक
खेमा देवी पत्नी केवल सिंह- मृत्यु आठ साल पूर्व
करन सिंह पुत्र केवल सिंह-मृत्यु सात साल पूर्व
रामभरोसे पुत्र सोहन सिंह - मृत्यु तीन साल पूर्व
गयादीन पुत्र मोलई - मृत्यु दस साल पूर्व
गजोधर पुत्र मोलई - मृत्यु पांच वर्ष पूर्व
मंगू पुत्र नरायन - मृत्यु 12 साल पूर्व
महादेव पुत्र गंगाराम - मृत्यु 10 साल पूर्व
घुरई पुत्र परवन - मृत्यु 11 साल पूर्व
कालिका पुत्र हीरा लाल -मृत्यु 15 साल पूर्व
छेदा पुत्र छोट्टा -मृत्यु दो साल पूर्व
नागेश्वर पुत्र रावेंद्रपाल सिंह -मृत्यु एक साल पूर्व
जोखाना पुत्र अनंतराम -मृत्यु दो साल पूर्व
उपरोक्त नामों के अलावा कई और नामों को देते हुए शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि इन लोगाें की काफी पहले मौत हो चुकी हैं और तहसील से इन लोगों के नाम चेक बनी हैं। इसके अलावा हरप्रीतम सिंह को बताया कि ये कनाडा में रह रहे हैं लेकिन चेक जारी की गई है। शिकायत करने वालों में छोटेलाल, शिवदर्शन, सुनील, महादेव, गोबरे, सुखविंदर, रामबेटी, रामदेवी, रामेंद्र सरोजनी देवी सहित दर्जनों लोगों के नाम शामिल हैं।
तहसीलदार गोला अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि जो लोग शिकायत कर रहे हैं, वह फर्जी होंगे। किसी भी मृतक की चेक नहीं जारी की गई है।