लखीमपुर खीरी के गुरुद्वारा श्री निर्मल आश्रम में गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अनादर पर सोमवार को सिख समाज ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही गुरुद्वारा श्री निर्मल आश्रम का प्रबंधन किसी अधिकृत संस्था को सौंपने की मांग की। जिलाधिकारी ने मांगों पर विचार का आश्वासन दिया।
लखीमपुर खीरी के गुरुद्वारा श्री निर्मल आश्रम में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के कथित अनादर और नुकसान पहुंचाने के मामले में सोमवार को सिख समाज के लोगों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और गुरुद्वारा श्री निर्मल आश्रम का प्रबंधन किसी अधिकृत संस्था को सौंपने की मांग की। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की ओर से जिलाधिकारी को सौंपे गए मांगपत्र के माध्यम से ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आठ अक्तूबर को गुरुद्वारा श्री निर्मल आश्रम में महंत लक्ष्मण दास और उसके भतीजे की ओर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन अंगों का अनादर किया गया। आरोप है कि उन्हें नुकसान पहुंचाने और शारदा नदी में बहाने का प्रयास किया गया। घटना का विरोध करने पर सिख संगत की ओर से आवाज उठाई गई, जिसके संबंध में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
मांगपत्र में महंत लक्ष्मण दास और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने तथा संगत के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में कठोर कानूनी धाराएं बढ़ाने की मांग की गई है। इसके अलावा गुरुद्वारा श्री निर्मल आश्रम का संपूर्ण प्रबंधन और देखरेख किसी योग्य व अधिकृत संस्था को सौंपने की बात कही गई है। सिख समाज के लोगों ने महंत लक्ष्मण दास और उनके परिवार को गुरुद्वारा परिसर से बेदखल करने के लिए कानूनी निर्देश जारी करने की भी मांग की।