रविवार दोपहर कठिना नदी के पास जंगल में लहन घोलने के लिए रखे जहरीली दवा मिश्रित गुड़ खाने से बीमार हुए अयोध्यापुर गांव के सातों बच्चे जिला चिकित्सालय में इलाज के बाद सकुशल अपने घर पहुंच गए हैं। उधर घटनास्थल पर पहुंची आबकारी टीम ने सोमवार को जंगल में रखे दारू बनाने के उपकरणों को नष्ट कर दिया था।
गांववालों ने बताया कि जंगल में छुपाकर रखा गया गुड़ बंदर खा जाते थे इससे निजात पाने के लिए दारू बनाने वालों ने लहन घोलने के बाद बचे गुड़ में जहरीली दवा मिला कर रखी थी। इसे बकरी चराने गए बच्चों ने खा लिया था। गनीमत यह रही कि बच्चों को उल्टी शुरू होने पर उनका तत्काल इलाज शुरू हो गया, वरना बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
गांव पहुंचने पर अभिभावकों ने बताया कि सोमवार शाम चार बजे बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। एसओ जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि अयोध्यापुर निवासी किराना व्यापारी मनोज की दुकान से कब्जे में लिया गया गुड़ उसे लौटा दिया गया है। इसकी पुष्टि मनोज ने भी की है।