दिलावरपुर में शौचालय में चल रही दुकान
लखीमपुर खीरी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत खीरी जिले को कई साल पहले ओडीएफ घोषित किया जा चुका है लेकिन अभी भी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इज्जतघर के नाम से जो शौचालय बनाए गए उनमें अधिकांश जर्जर हो चुके हैं। किसी ने शौचालय में दुकान खोल रखी है तो किसी ने उसमें गोबर के उपले, लकड़ियां और भूसा भर रखा है। किसी शौचालय में दरवाजा नहीं है तो किसी में छत नहीं।
मोहम्मदी में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को शौचालय देने की महत्वाकांक्षी योजना मजाक बनकर रह गई है। गांव में इज्जतघर के नाम से बने शौचालय जर्जर हो चुके हैं। दरवाजे गायब हैं। दरवाजों की जगह लोग टाट और पल्ली टांग कर काम चला रहे हैं। दिलावरपुर में बने एक शौचालय में लाभार्थी ने परचून की दुकान खोल रखी है तो भौनापुर गांव में शौचालय के पास लकड़ी जमा है। खजुहा गांव में बने शौचालय में दरवाजा ही गायब है। चारों तरफ घास फूस और झाड़ झंखाड़ उगी है। वहीं भौनापुर में बने शौचालय एक शौचालय में दरवाजे के पल्लों की जगह पल्ली टांग कर आड़ बनाई गई है।
दिलावरपुर में शौचालय में चल रही दुकान
दिलावरपुर में शौचालय में चल रही दुकान