कतार में खड़े रहकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन की प्रतीक्षा करते श्रद्धालु। संवाद
गोला गोकर्णनाथ । भगवान शिव और मां आदिशक्ति के पावन मिलन का महापर्व महाशिवरात्रि छोटी काशी में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर में शिव बारात आकर्षण का केंद्र रही। हजारों श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश जी का पूजन किया।
ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे पौराणिक शिव मंदिर के कपाट दर्शनार्थ खोल दिए गए। स्थानीय और दूरदराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रथम पूज्य गणेश जी का पूजन कर गर्भगृह में प्रवेश किया और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद मंदिर प्रांगण में विराजमान नंदी के कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं। श्रद्धालुओं ने माता पार्वती और बूढ़े बाबा के भी दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
शाम को नीलकंठ मैदान से भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। गोकर्ण तीर्थ तट पर दीप यज्ञ का आयोजन हुआ। नीलकंठ मैदान में पार्थिव शिवलिंग का रुद्र महाभिषेक संपन्न हुआ। मंदिर में रात्रि के चारों प्रहर भोलेनाथ की शृंगार आरती और भगवान शिव-मां आदिशक्ति के विवाह की रस्में निभाई गईं। भक्तों ने अबीर-गुलाल और फूलों की होली खेलकर उत्सव मनाया। मंदिर परिसर के निकट बनाए गए अस्थायी कंट्रोल रूम से अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से व्यवस्थाओं पर नजर रखी।
n रास्ते बंद होने से परेशानी ः सुरक्षा व्यवस्था के तहत मुख्य मार्ग को छोड़कर मंदिर परिसर के अन्य रास्ते टिन की चादरों से बंद कर दिए गए थे। इससे श्रद्धालुओं और दुकानदारों को असुविधा हुई। तीर्थ के पूर्वी छोर पर निर्माणाधीन यात्री हाॅल के पास नुकीली लोहे की सरियों के बीच से श्रद्धालु जोखिम उठाकर गुजरते दिखाई दिए। इससे खतरा बना रहा।
कतार में खड़े रहकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन की प्रतीक्षा करते श्रद्धालु। संवाद
कतार में खड़े रहकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन की प्रतीक्षा करते श्रद्धालु। संवाद