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Lakhimpur Kheri News: विश्व पर्यटन दिवस पर पांच साल बाद शिल्पग्राम शुरू

Sun, 28 Sep 2025 04:13 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं थारू जनजाति की महिलाएं। स्रोत : विभाग
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लखीमपुर खीरी। विश्व पर्यटन दिवस पर चंदन चौकी क्षेत्र में रौनक बढ़ गई। पांच साल पूर्व बना शिल्पग्राम शनिवार से शुरू हो गया। मुख्य अतिथि पलिया विधायक रोमी साहनी, जनजाति विभाग के परियोजना अधिकारी यूके सिंह, पर्यटन सूचना अधिकारी संजय भंडारी आदि ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया।
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थारू जनजाति को देश-विदेश तक विशेष पहचान दिलाने और पर्यटकों को थारू जनजाति को करीब से जानने के लिए बाॅर्डर एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत शिल्पग्राम बनाया गया था। वर्ष 2021 में निर्माण पूरा होने के बाद जनजाति विभाग को यह भवन हस्तांतरित हो गया था, लेकिन चालू नहीं हो सका। निर्माण में 1.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
शिल्पग्राम चालू न होने से जहां भवन की रौनक फीकी पड़ गई तो वहीं इनके बनाने का उद्देश्य भी परवान नहीं चढ़ सका। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रकाशित किया तो मंडलीय अफसरों ने जिला प्रशासन के साथ बैठक कर 20 सितंबर तक शुरू कराने की योजना तय की।
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हालांकि, तय समय पर तो ये शुरू नहीं हो सका, लेकिन पर्यटन दिवस पर इसका उद्घाटन करा दिया गया। शिल्पग्राम को शुरू कराने में जनजाति के परियोजना अधिकारी यूके सिंह का विशेष योगदान रहा। उन्होंने इसके संचालन के लिए पत्राचार किया। मंडलीय अफसरों से लगातार संपर्क में रहे।

मिलेंगी होटल जैसी सुविधाएं
शिल्पग्राम में चार कमरे बने हैं, जिसमें होटल जैसे सारी सुविधाएं मुहैया हैं। शिल्पग्राम में चार परिवारों के एक साथ ठहरने की व्यवस्था है। परिसर में 10 दुकानें हैं। इनमें थारू जनजाति से संबंधित खाद्य पदार्थ, जड़ी-बूटी, हस्तशिल्प सहित सभी प्रकार की सामग्रियों की बिक्री की जाएगी। थारू जनजाति की महिलाएं 30 से 35 प्रकार के हस्तशिल्प तैयार करती हैं। इसके लिए वहां पर रेस्टोरेंट की भी व्यवस्था की जाएगी।

रंगारंग कार्यक्रम के साथ कराई गई प्रतियोगिताएं
उद्घाटन के दौरान गीत-संगीत, परिधान, हस्तशिल्प, विशिष्ट विधाओं में पारंगत समूह की महिलाओं ने प्रस्तुत किए। महिलाओं ने परंपरागत वेश-भूषा, वाद्ययंत्र, नृत्य एवं गायन प्रस्तुत करते हुए अपने हस्तशिल्प उत्पादों का स्टॉल लगाकर उनकी विक्रय किया। पर्यटन स्थल और आपकी पसंद विषय पर निबंध प्रतियोगिता और पौधरोपण कराया गया।
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15 नवंबर से दुधवा का पर्यटन सत्र शुरू हो जाएगा। पर्यटकों को थारू शिल्प ग्राम में रुकने व थारू जनजाति की संस्कृति, परिधान, हस्तशिल्प आदि से परिचित कराने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर पर्यटन को जोड़ा जाएगा।
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यूके सिंह, परियोजना अधिकारी, जनजाति

रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं थारू जनजाति की महिलाएं। स्रोत : विभाग

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