लखीमपुर खीरी-गोला गोकर्णनाथ। शारदीय नवरात्र के समापन पर श्रद्धालुओं ने देवी मूर्तियों की विसर्जन शोभायात्रा निकालीं। इस बार नदियों में सूखे स्थान पर तालाब की शक्ल में गड्ढे खोदकर वहां मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान मां के जयकारों की गूंज रही।
अलीगंज रोड स्थित उल्ल नदी में तालाब की तरह गड्ढा खोदकर गोला, अलीगंज, भैठिया सहित विभिन्न क्षेत्रों से आईं 26 मूर्तियों का विसर्जन किया गया। चीनी मिल की पुरानी कॉलोनी में सजे वैष्णो दरबार से गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इस मौके पर कृष्णानंद अवस्थी, राजेश शुक्ल, दीपूलाला, अतुल पुरवार आदि मौजूद रहे। विसर्जन स्थल पर प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा।
भीखमपुर। कोरियानी गांव में धूमधाम से मां दुर्गा प्रतिमा का कठिना नदी में विसर्जन किया गया। पंडित आचार्य शिव कुमार अवस्थी ने बताया मां दुर्गा की मूर्ति का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कठिना नदी के नौघटा घाट पर विसर्जन किया गया। इस मौके पर थानाध्यक्ष मितौली अनिल कुमार सैनी, दरोगा सुरेंद्र सिंह, सुनील सिंह, रामचंद्र, भोला, हरिवंश, सूर्यनाथ, धर्मेंद्र साहनी आदि मौजूद रहे।
बिजुआ-गुलरिया। रामनगर घाट पर भक्तों ने मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन किया। इससे पहले गांवों से शोभायात्रा निकाली गईं, घाट पर पुलिस और राजस्व कर्मियों ने नदी के बजाय तट के किनारे ही विसर्जन कराया। चौकी इंचार्ज बिजुआ विपिन कुमार मौजूद रहे। वहीं भीरा में शारदा तट पर एसडीएम अमरेश कुमार और थानाध्यक्ष अजय राय मौजूद रहे।
शारदानगर। एसडीएम धौरहरा सुधाकरन और सीओ की देखरेख में मूर्तियों का पानी भरे गड्ढों में विसर्जन हुआ। श्रद्धालुओं ने शारदा नगर कॉलोनी बालाजी मंदिर होते हुए शोभा यात्रा निकाली। पुलिस फोर्स मौके पर डटा रहा।
ईसानगर। सादगी के साथ देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार तालाब नुमा गड्ढे खोदवाकर मूर्तियों का विसर्जन कराया गया। बहते हुए जल में केमिकल युक्त मूर्तियों का विसर्जन करने से जल प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही जलीय जीव को भी क्षति पहुंचती है।
-अखिलेश यादव, एसडीएम गोला
गोला की विसर्जन शोभायात्रा में सजी मूर्तियां। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR
गुलरिया में विसर्जन के लिए मूर्तियां ले जाते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR
शारदा नगर में मूर्ति विसर्जित करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR