लखीमपुर खीरी। कोरोनाकाल में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ शनिवार को हो रहा है। नवरात्र के पहले दिन मां का पालकी से आगमन होगा। 17 से 25 अक्तूबर तक नौ दिन देवी मंदिरों से लेकर घरों तक मां दुुुर्गा का अनवरत हवन पूजन होगा। इसको लेकर देवी मंदिरों में शुक्रवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। देवकली तीर्थ के आचार्य पंडित प्रमोद दीक्षित ने बताया कि इस बार देवी मां का आगमन पालकी पर हो रहा है।
नवरात्र आगमन के साथ ही बाजार का सन्नाटा भी खत्म हो गया। शुक्रवार को बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की खासी भीड़ रही। महिलाओं ने नौ दिन तक व्रत रहकर मां का पूजन करने के लिए शृंगार से लेकर हवन, पूजन, भोग लगाने के प्रसाद आदि की जमकर खरीदारी की। संकटा देवी मंदिर के सामने वाली गली की दुकानों से लेकर सब्जी एवं फल मंडी में फलाहार सामग्री की दुकानों पर दिन भर भीड़ रही।
यहां बता दें इस बार कोरोना संक्रमण के चलते शासन ने मंदिरों में पूजा अर्चना को लेकर बंदिश लगाई है। ऐसे में पिछले सालों की भांति इस बार श्रद्धालु न तो मां का मंदिरों में विधि विधान से पूजन कर पाएंगे और न ही हवन एवं भंडारा।
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फलाहारी सामग्री के दामों पर एक नजर (रुपये प्रति किलो)
मूंगफली दाना-100, सिंघाड़े का आटा-120, कुट्टू का आटा-100, नारियल-160, साबूूदाना-60, मखाना-600, काजू-700, किशमिश-240, बादाम-700, सेंधा नमक-60
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सब्जियों के दामों पर एक नजर(रुपये प्रतिकिलो)
आलू- पुराना 40 और नया 45 रुपये, टमाटर-60, मटर-160, धनिया-400, हरी मिर्च-80, नींबू-40, अदरक-80, खीरा-50, लौकी-20, कद्दू-25
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फलों के दामों पर एक नजर (रुपये प्रति किलो)
सेब-60 से 80, पपीता- 40, संतरा-100, अनार-80 से 100, केला-40 रुपये दर्जन, नारियल-50 रुपये प्रति पीस, किन्नू- 40, आम-200, अंगूर-200 से 400 तक, तरबूज-40, खरबूजा- 80, रामफल-200
देसी घी प्रति किलो
गाय-560, भैंस-460
(व्रत में खाने वाली सब्जियों का मूल्य सब्जी मंडी, मेवा आदि का मूल्य किराना मार्केट और फलों का मूल्य हीरालाल धर्मशाला चौराहा से लिया गया है। केले का भाव दर्जन एवं अन्य सामग्री का मूल्य प्रति किलो की दर से हैं।)
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कोरोना काल: इम्यूनिटी बूस्टर वाला करें फलाहार
मां दुर्गा की आराधना के लिए नौ दिनों तक व्रत रहने श्रद्धालुओं को कोरोना संक्रमण काल में अपना विशेष ध्यान रखना होगा। ऐसे में व्रत के दौरान खाने पीने में कोताही बिल्कुल न बरतें। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने के लिए फल, फलाहार और डाई फ्रूट का सेवन करने के साथ पानी खूब पीते रहें। जिला अस्पताल की आहार विशेषज्ञ दिव्या चतुर्वेदी बताती हैं व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी न होने दें। इसके लिए नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, मट्ठा, लस्सी और दूध के साथ सिंघाड़ा, खरबूजे आदि का सेवन एक दो घंटे बाद नियमित रूप से करते रहें। व्रत में खाली पेट बिल्कुल न रहें। साबू दाना एवं इसकी खिचड़ी, आलू, सिंघाड़ा एवं कुट्टे के आटे के व्यंजन बनाकर खाएं। फल एवं ड्राई फ्रूट लेने के साथ पर्याप्त नींद लें।
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सज गए मंदिर, नौ दिन तक होगा मां का पूजन
नवरात्र को लेकर मां के मंदिर सज कर तैयार हैं। शनिवार से नौ दिन तक मंदिर और घरों में शक्ति स्वरूपा मां जगदंबा का पूजन पाठ, अनुष्ठान को दौर चलेगा। शहर के मां संकटा देवी, बंकटा देवी सहित अन्य मंदिरों में तैयारियां पूरी चुकी हैं। कोरोना काल को लेकर जारी गाइड लाइन के तहत मंदिर में भीड़ इकट्ठा न हो इसके इंतजाम किए जा रहे हैं। सीमित संख्या में और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालु मां के दर्शन कर सकेंगे।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
देवकली तीर्थ के आचार्य पंडित प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि शनिवार सुबह 06:18 से प्रतिपदा शुरू है। दोपहर 02:20 तक चित्रा नक्षत्र में कलश स्थापित करना शुभ है। उन्होंने बताया कि सुबह 11:38 से 12:23 तक अभिजात मुहूर्त है। यह समय स्थापना के लिए विशिष्ट मुहूर्त है। उन्होंने बताया 25 अक्तूबर की सुबह 11:14 के बाद दसवीं तिथि शुरू हो जाएगी। 25 को ही विजया दशमी मनाई जाएगी। इस बार देवी का आगमन पालकी से हो रहा है, जबकि गमन महिष पर, जो शुभ फलकारक नहीं है।
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नहीं चढ़ेगा प्रसाद
संकटा देवी मंदिर के पुजारी अंकुर शुक्ला ने बताया कि कोविड-19 को लेकर शासन ने जो गाइड लाइन जारी की है कि उसका पालन होगा। शनिवार को मंदिर में कलश स्थापना होगी। मंदिर समिति के पदाधिकारी ही आरती एवं हवन पूजन में शामिल होगें। श्रद्धालुओं को मंदिर के गर्भगृह तक जाने पर मनाही रहेगी। श्रद्धालु बाहर से ही मां के दर्शन कर सकेंगे। मां को चुनरी, फल, फूल आदि चढ़ाना प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि दस साल से कम उम्र के बच्चे और बुजुर्ग मंदिर न आकर घर पर ही मां की आराधना करें, मां सभी का कल्याण करेंगी।
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मां के नौ दिन
17 अक्तूबर शनिवार को प्रतिपदा-घटस्थापना, 18 अक्तूबर रविवार को द्वितीया- मां ब्रह्मचारिणी पूजन, 19 अक्तूबर सोमवार को तृतीया- मां चंद्रघंटा पूजन, 20 अक्तूबर मंगलवार को चतुर्थी- मां कूष्मांडा पूजन, 21 अक्तूबर बुधवार को पंचमी- मां स्कंदमाता पूजन, 22 अक्तूबर गुरुवार को षष्ठी- मां कात्यायनी पूजन, 23 अक्तूबर शुक्रवार को सप्तमी- मां कालरात्रि पूजन, 24 अक्तूबर शनिवार को अष्टमी-मां महागौरी पूजन, दुर्गा अष्टमी एवं महानवमी पूजन, 25 अक्तूबर रविवार को नवमी- मां सिद्धिदात्री पूजन, नवरात्रि पारायण एवं विजयदशमी, 26 अक्तूबर सोमवार को दुर्गा मूर्ति विसर्जन
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कोरोना काल में व्रत रखने के साथ सेहत का भी ध्यान रखें, क्योंकि कोरोना महामारी में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखना बेहद आवश्यक है। इसलिए फलाहार में ऐसी सामग्री शामिल करें, जो शरीर की इम्यूनटी को मजबूत रखे। खाली पेट बिल्कुल न रहें। पानी, नींबू पानी आदि का सेवन खूब करें।
-डॉ. राजकुमार, फिजीशियन जिला अस्पताल