जंगल नंबर सात के पास पहुंचा मगरमच्छ। स्रोत: ग्रामीण
धौरहरा/बिजुआ। शारदा नदी की बाढ़ और कटान से क्षेत्र में खतरा बढ़ गया है। डेबर घाट के पास नदी की धारा खेतों की ओर बढ़ने से सैकड़ों एकड़ फसल और कृषि भूमि के नदी में समाने का खतरा है। वहीं इमलिया फार्म-जगदेवपुर मार्ग पर पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है और बाढ़ के पानी के साथ एक मगरमच्छ आबादी के पास पहुंच गया।
डेबर घाट पर नदी कई स्थानों पर तेजी से जमीन काट रही है और खेत धारा में समा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं हुए तो किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है। गांव पर भी खतरा बढ़ने की बात कही है।
क्षेत्र भ्रमण और जनसंपर्क के दौरान सपा नेता वरुण यशपाल चौधरी ने डेबर घाट पहुंचकर कटान का जायजा लिया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याएं उठाने का भरोसा दिलाते हुए प्रशासन से जल्द प्रभावी बचाव कार्य कराने की मांग की।
मंगलवार को जंगल नंबर सात के बसे हुए मजरे में एक मगरमच्छ घरों के करीब पहुंच गया। उसे देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर मारकर उसे आबादी से दूर पानी में खदेड़ दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है और रात में मगरमच्छ घरों तक पहुंच सकता है। उन्होंने वन विभाग से मगरमच्छ को पकड़कर आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की।
रेंजर रमाकांत सक्सेना ने बताया कि सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। जाल लगाकर मगरमच्छ को रेस्क्यू करने का प्रयास किया जा रहा है। पानी अधिक होने से समस्या आ रही है।