फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चहमलपुर गांव के पास पहुंची शारदा नदी, ग्रामीण भयभीत

विज्ञापन
समदहा गांव में बना बांध।
विज्ञापन
29 एलकेएच 13
विज्ञापन

चहमलपुर गांव के पास पहुंची
शारदा नदी, ग्रामीण भयभीत
- आधा दर्जन गांव कटान की जद में, गांवों से ग्रामीणों का पलायन शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
धौरहरा। बरसात शुरू होते ही नदियां अपना रौद्र रूप दिखाने लगी हैं। अब तक रैनी, समदहा में कटान कर चुकी शारदा नदी चहमल गांव के पास तक आ गई है, जिससे ग्रामीणों के होश उड़े हुए हैं। कुछ ग्रामीणों ने अपने घर तोड़कर पलायन करना शुरू कर दिया है।
बीते दो वर्षों में रैनी गांव के करीब तीन सौ घर और सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी में समा चुकी है। धौरहरा क्षेत्र को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने समरदा बदाल गांव के पश्चिम शारदा नदी में करीब 500 मीटर उत्तर दक्षिण तटबंध बनाया है। सिंचाई विभाग का दावा है कि नदी की धारा मोड़ने से शारदा नदी के किनारे बसे कटान के चिह्नित गांव चिकनाजती, समरदा बदाल, समदहा, रैनी, सरगढा, मटेहनी सहित कई गांव बाढ़ और कटान की त्रासदी से बचा लिए गए हैं।
विज्ञापन

बाढ़ कटान से बचाव के लिए एक किलोमीटर जिओ ट्यूब और जियो बैग डालकर तटबंध बनाने की योजना थी। इस योजना पर काम भी हुआ, लेकिन यह तटबंध जानबूझकर सौ मीटर कम बनाया गया। इसी सौ मीटर के दायरे में शारदा नदी ने अपना रुख चहमलपुर गांव की ओर मोड़ दिया है। नतीजतन तीसरी जगह आबाद हुए चहमलपुर गांव पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है। शारदा नदी इस वर्ष इस गांव में भू कटान करने को तेजी से बेताब है। अब तक नदी खेतों भी भूमि निगल रही थी लेकिन बृहस्पतिवार से नदी ने गांव में भी धीरे धीरे कटान शुरू कर दिया है। अपने घरों को ओर बढती शारदा नदी को देखकर भयभीत ग्रामीण अपना सामान समेटने लगे हैं।
तीसरी बार उजड़ने वाला है चहमलपुर गांव
धौरहरा। चहमलपुर गांव दो बार शारदा नदी की चपेट में दो बार आ चुका है। ग्रामीणों के मुताबिक, पहली बार यह गांव 1993 में और दूसरी बार 2002 में कटा था। अब पूरा गांव तीसरी जगह बसा हुआ है। सिंचाई विभाग की लापरवाही से यह गांव अब तीसरी बार नदी कटान की जद में आ चुका है। यदि सिंचाई विभाग ने करीब तीन किलोमीटर छूटे तटबंध को बना देते तो गांव शारदा नदी के कटान से बच सकता था। संवाद
इन गांवों पर मंडराया कटान का खतरा
शारदा नदी की चपेट में आ चुके चहमलपुर गांव को यदि नदी काट लेती है तो आने वाले कुछ समय में चिकनाजती, हरदी, कुंवारापुर, पहाड़ियापुर, बेलवा, गदियाना का भी नामोनिशान मिट जाएगा।
विज्ञापन

रैनी खगियापुर परियोजना का कार्य सिंचाई विभाग कर रहा है। कितना काम हुआ है और कितना बाकी है इसकी जानकारी नहीं है चहमलपुर गांव में अभीकटान की कसूचना मिली है मैने बाढ़ खंड विभाग को पत्र जारी किया है, साथ ही बचाव कार्य तेजी से करने के निर्देश भी दिए है।
- धीरेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम, धौरहरा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें