पलिया के शारदा नदी में श्रीनगर गांव की ओर लगे आधे डूबे क्रास पिलर। संवाद
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। शारदा नदी के घटने-बढ़ने का सिलसिला जारी है। जलस्तर सोमवार को फिर से बढ़ गया और नदी खतरे के निशान से 59 सेमी ऊपर पहुंच गई। रविवार को हालांकि जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही थी लेकिन सोमवार को सुबह से ही नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। जल आयोग का कहना है कि देर शाम तक और पानी आने के बाद रात में नदी के और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल नदी का जलस्तर स्थिर है।
बीते कई दिनों से शारदा नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान से कुछ ऊपर ही रह गया था लेकिन सोमवार को सुबह से ही नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई। जल आयोग के मुताबिक शारदा नदी का जलस्तर सोमवार को शाम चार बजे तक खतरे के निशान 154.100 सेमी से 59 सेमी ऊपर 154.690 सेमी था। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद श्रीनगर के पास लगे क्रास पिलर एक बार फिर आधे डूब गए हैं। बरूआ कलां और जंगल नंबर सात में नदी ने कटान तेजी से करना शुरू कर दिया है। इमलिया फार्म और बोझवा ठोकर नंबर एक को जाने वाला रास्ता पूरा डूबा हुआ है। नाव के सहारे लोग आवागमन कर रहे हैं। वहीं खेतिहर इलाके में पानी भर जाने से लोग जान जोखिम में डालकर मवेशियों के लिए चारा ला रहे हैं। पानी बढ़ने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मझगईं। कस्बे की पीएचसी से बल्लीपुर गांव जाने वाला मार्ग पुलिया के पास बाढ़ के पानी के तेज बहाव से करीब 10 मीटर मार्ग कट गया है। जिस पर लगभग चार से पांच फुट पानी चलने लगा। इससे आवागमन बंद हो गया। लोगों ने बताया कि बल्लीपुर से मझगईं जाने वाला सबसे कम दूरी वाला मार्ग होने से लोग इसी रास्ते का अधिक प्रयोग करते हैं। मार्ग के बाढ़ में कट जाने से मझगईं जाने के लिए लगभग पांच किलोमीटर का चक्कर काटकर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद अजय मिश्र टेनी ने पुलिया के पास रपटा पुल बनाने का वादा किया था। मगर अब तक रपटा पुल नहीं बन सका जिससे राहगीरों के साथ किसानों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।