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Lakhimpur Kheri News: शारदा में शिव मंदिर समाया, घरों की ओर बढ़ी मोहाना नदी

Thu, 27 Aug 2026 10:51 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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मोहाना नदी में जसनगर गांव के पास हो रहा कटान। संवाद
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भीरा/बिजुआ। शारदा और मोहाना नदियों की कटान से खेत, मंदिर, मकान और रेलवे ट्रैक खतरे में हैं। भीरा के ढकिया गांव के पास शारदा नदी में शिव मंदिर समा गया। अब माता रानी मंदिर पर खतरा मंडरा रहा है।
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पकरिया सल्लिहा में कई बीघा धान और गन्ने की फसल नदी में बह गई। निघासन के जसनगर में मोहाना नदी घरों तक पहुंच गई है। तिकुनिया में तेज बहाव से रेलवे ट्रैक के पास कटान शुरू होने पर सिंचाई विभाग ने बचाव कार्य शुरू कराया है।
तहसील पलिया क्षेत्र के ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत शाहपुर के मजरा ढकिया के पास शारदा नदी लगातार कटान कर रही है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब चार वर्ष पहले मंदिर बनने के समय नदी उससे करीब 500 मीटर दूर बहती थी। धीरे-धीरे धारा करीब आई और शिव मंदिर नदी में समा गया। अब माता रानी मंदिर के पास भी कटान शुरू हो गया है।
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ग्रामीण शिशपाल ने बताया कि उनके पास करीब दो एकड़ खेती थी। पहले एक एकड़ और इस बार बची एक एकड़ जमीन भी नदी में समा गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार सूचना देकर मंदिर बचाने की गुहार लगाई गई, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाया गया।
एसडीएम पलिया पुष्कर कुमार ने बताया कि एसडीओ बाढ़ खंड और हल्का लेखपाल को जानकारी दे दी गई है। बचाव के लिए तुरंत काम शुरू कर दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत पकरिया सल्लिहा में शारदा नदी का कटान तेज हो गया है। किसान रामबिलास, रामबहादुर, आशाराम, करनैल सिंह और रामेंद्र कुमार सहित दर्जनों किसानों की धान और गन्ने की फसलें नदी में समा गई हैं।
किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर और ठेके पर खेत लेकर खेती की थी। तैयार फसल आंखों के सामने बहते देख वे व्यथित हैं। उनका कहना है कि नदी ने फिर रुख बदलकर कटान शुरू कर दिया है।
नायब तहसीलदार भानुप्रताप सिंह ने बताया कि लेखपाल जैनब को मौके पर भेजा गया है। वह वहां से कटान की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजेंगी।
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समय रहते बचाव नहीं हुआ तो नदी में समा सकते हैं कई परिवारों के आशियाने
निघासन। भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना और नेपाली कर्णाली नदी का जलस्तर बढ़ने से जसनगर में कटान तेज हो गई है। नदी आबादी की ओर बढ़ रही है और कई पक्के मकान इसकी जद में हैं। समय रहते बचाव नहीं हुआ तो कई परिवारों के आशियाने नदी में समा सकते हैं।
जसनगर निवासी फूलमती ने बताया कि उनका घर नदी के मुहाने पर पहुंच गया है। नत्थूलाल ने बताया कि करीब चार-पांच दिन पहले उनका घर नदी में समा गया। प्रशासन ने शिव भगवान का घर भी खाली करा दिया था। ग्रामीणों के मुताबिक कटान पीड़ितों को अभी तक स्थायी जगह नहीं मिली है।
मोहाना की कटान शिवभगवान, राजकुमार, रामजीवन, रामवृक्ष और गोवर्धन के मकानों तक पहुंच चुकी है। संतोष, दिनेश, बालकराम, छांगुर और रामबली समेत अन्य ग्रामीणों के घर भी खतरे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान रोकने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर काम कराया गया, फिर भी नदी नहीं थम रही है।
बृहस्पतिवार को एसडीएम निघासन यदुवीर सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। प्रभावित मकानों को बचाने के लिए नदी किनारे पत्थरों का जाल और बोरियां लगवाने का काम शुरू कराया गया। उन्होंने बताया कि सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है और स्थिति पर लगातार नजर है। जरूरत के अनुसार बचाव कार्य आगे भी कराया जाएगा।

3.79 करोड़ की परियोजना में लगे थे जिओ ट्यूब

सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता करनपाल गंगवार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3.79 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत कौड़ियाला घाट से मंझरा पूरब जाने वाले तटबंध को बचाने के लिए जिओ ट्यूब डाले गए थे। वर्तमान में तटबंध और गांव को बचाने के लिए बोरियों में बालू और रोड़ा भरकर नदी किनारे लगाया जा रहा है।

इसके बावजूद मोहाना नदी कौड़ियाला-मंझरा तटबंध के करीब पहुंच गई है। बालकराम ने बताया कि बंधा कटने पर मोहाना नदी शारदा नदी में मिलकर भारी तबाही मचा सकती है।
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जसनगर-तिकुनिया रेलवे ट्रैक और बांध रोड के पास कटान का खतरा
तिकुनिया। नेपाल में आई बाढ़ के चलते मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव से जसनगर-तिकुनिया रेलवे ट्रैक और बांध रोड के पास कटान का खतरा पैदा हुआ। ट्रैक के पास पहले लगाए गए पत्थरों का भी कटान होने लगा। इसके बाद सिंचाई विभाग की टीम ने ईंट, रोड़ा और अन्य सामग्री के कटर बनाकर नदी किनारे डाले, ताकि बहाव को रोककर कटान नियंत्रित किया जा सके।
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता कनकपाल गंगवार, सिंचाई खंड शारदानगर ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से रेलवे ट्रैक के कटान का खतरा पैदा हुआ था। ट्रैक सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक बचाव कार्य करा दिए गए हैं। फिलहाल रेल लाइन को कोई खतरा नहीं है। संवाद
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रात में बारिश, दिन में धूप और छांव

लखीमपुर खीरी। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बुधवार देर रात हल्की बारिश हुई। बृहस्पतिवार सुबह बदली रही, दोपहर में तेज धूप निकली। करीब तीन बजे काले बादलों ने आसमान ढक लिया और कुछ जगह हल्की बौछार हुई। बारिश और धूप के बीच उमस ने लोगों को परेशान किया। तेज धूप से बचने के लिए राहगीरों को सिर ढकना पड़ा।

अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को आंशिक बादल छाए रहेंगे। एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछार की संभावना है। संवाद

मोहाना नदी में जसनगर गांव के पास हो रहा कटान। संवाद

मोहाना नदी में जसनगर गांव के पास हो रहा कटान। संवाद

मोहाना नदी में जसनगर गांव के पास हो रहा कटान। संवाद

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