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जंगल नंबर सात में बनाई जा रही ठोकरें निगल रही शारदा नदी

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पलिया के जंगल नंबर सात की तरफ कटान करती शारदा नदी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां। भीरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सूरजपुर के तीन गांवों के साथ ही ढखिया खुर्द गांवों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने काफी लंबा बंधा बनवाया था, जिसको नदी के तेज बहाव ने बीच से काट दिया है। अब ग्रामीणों में हड़कंप है। ग्रामीणों की फसलों को भी अब नदी अपने आगोश में लेने लगी है, जबकि बचाव कार्य में बनाई जा रही ठोकरों को भी नदी निगल रही है। जिससे ग्रामीण खासे परेशान है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर भी सही ढंग से कार्य न करने का आरोप लगाया है।
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सूरजपुर ग्राम पंचायत के जंगल नंबर सात, छंगाटांडा, जगन्नाथ टांडा आदि गांवों को बचाने के लिए 18 सौ मीटर तथा ढखिया खुर्द गांव को बचाने के लिए आठ सौ मीटर समेत कुल 24 मीटर का लंबा बंधा सिंचाई विभाग की तरफ से बनवाया गया था। जिसको बेहतर ढंग से न बनाए जाने के कारण शारदा नदी ने बंधे को बीच से काट दिया है, जिससे अब नदी के पानी ने फिर से गांवों की ओर अपना रुख कर लिया है। ग्रामीणों की फसलों व जमीनों को भी काटना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग की तरफ से हालांकि बोरों में मिट्टी, ईंट आदि भरकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन उनकी बनाई गई ठोकरों को पलभर में शारदा नदी अपने आगोश में ले लेती है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां पर नदी तेजी से कटान कर रही हैं वहां कार्य करने के बजाए सिंचाई विभाग कहीं दूसरी जगह ही अपना कार्य कर रहा है। जिसके चलते गांवों ने नदी की ओर रुख ले लिया है, जिससे ग्रामीणों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
हर साल इन गांवों में तबाही मचाती है शारदा नदी
बीते कई सालों से जंगल नंबर सात, छंगाटांडा, जगन्नाथ टांडा व ढखिया खुर्द में शारदा नदी तबाही मचाती है और ग्रामीणों को यहां से पलायन करने को मजबूर होना पड़ता है। सिंचाई विभाग की तरफ से इसको रोकने के लिए बंधे का निर्माण तो कराया गया लेकिन यह बंधा भी शारदा नदी के तेज बहाव को रोकने में सक्षम नहीं है।
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