लखीमपुर खीरी। गांव में टटिया लगाने को लेकर हुई मारपीट में एक ग्रामीण को मौत के घाट उतारने के मामले में एडीजे सुभाष सिंह ने तीन हमलावरों को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों आरोपियों पर जुर्माना लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजी कपिल कटियार ने बताया गांव रमियाबेहड़ में भारत प्रसाद से गांव के ही परिक्रमा के बीच गांव में टटिया लगाने को लेकर विवाद हो गया था। इसी झगड़े के चलते 21 मार्च 2000 को राधे, परिक्रमा, श्रीराम और कल्लू ने भारत प्रसाद पर हमला कर दिया था। जब बीच बचाव करने भारत प्रसाद के चाचा राम अवतार, संतोष, खुशहाल आए तो उन्हें भी हमलावरों ने लाठी-डंडों से बुरी तरह मारपीट कर घायल कर दिया। उसी दिन धौरहरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चोटिल संतोष, खुशहाल को तो जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 25 मार्च 2000 को रामअवतार की मौत हो गई।
अदालती सुनवाई के दौरान भारत प्रसाद, संतोष, मानसिंह, बलिराम, मनोहर ,डॉ. राजीव सिंह, रामदीन रावत और हाफिजुररहमान ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। मुकदमे की सुनवाई के बाद शुक्रवार को एडीजे सुभाष सिंह ने अपना फैसला सुनाते हुए श्रीराम उसके भाई कल्लू के साथ ही परिक्रमा को को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी पाते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही तीनों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।