लखीमपुर खीरी। मैगलगंज क्षेत्र में ग्रामीण की रंजिशन गोली मारकर हत्या के आठ साल पुराने मामले में दो सगे भाइयों सहित एक ही परिवार के सात लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। एडीजे मोहम्मदी अनिल कुमार राना ने मुख्य आरोपी अंग्रेज सिंह पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, अन्य सभी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मैगलगंज थाना क्षेत्र के गांव शाहूपुर निवासी सुखवंत सिंह के परिवार से गांव के ही अंग्रेज सिंह के परिवार की रंजिश चल रही थी। छह अक्तूबर, 2017 की सुबह नौ बजे जब सुखवंत सिंह का लड़का धर्मेंद्र सिंह घर के छप्पर में बैठा था, तभी अंग्रेज सिंह ने अपने भाई प्रगट सिंह और परिवार के ही जितेंद्र सिंह, गुरमेल सिंह, सर्वजिंदर सिंह उर्फ सविंदर सिंह, जयपाल सिंह और गुरप्रीत सिंह के साथ लाठी-डडों, कृपाण और तमंचे से लैस होकर धावा बोल दिया। अंग्रेज सिंह ने तमंचे से धर्मेंद्र को गोली मारकर मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया था।
उनके पिता सुखवंत सिंह ने उसे बचाने की कोशिश की तो इन लोगों ने उन्हें भी कृपाण मार कर घायल कर दिया था। सुखवंत सिंह के लड़के के साले अमरिंदर सिंह ने सुखवंत सिंह की जान बचाई थी। पुलिस ने अंग्रेज सिंह के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचे को भी बरामद कर लिया था। पुलिस ने इसी बीच खेल करते हुए चार आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए उनकी नामजदगी गलत बताई थी, मगर अदालत में गवाही और सबूतों के आधार पर क्लीन चिट खारिज करने के बाद सभी सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया था।
एडीजे अनिल कुमार राना ने सुनवाई के दौरान पेश हुए गवाह सुखवंत सिंह, अमरिंदर सिंह, डॉ. संजय वर्मा, डॉ. अजय वर्मा, इंस्पेक्टर घनश्याम राम, श्याम बहादुर सिंह, दारोगा जयप्रकाश यादव, हरविंदर कौर, महेश यादव और सुधीर झा के बयान के आधार शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए सभी सात हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
साथ में सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अंग्रेज सिंह के पास तमंचा बरामद होने के कारण उस पर अलग से पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।