लखीमपुर खीरी। पांच दिन तक सर्वर ठप रहने से यूरिया वितरण का संकट झेल रहे किसानों की मुश्किलें सोमवार को नया सर्वर शुरू होने के बाद भी खत्म नहीं हुईं। अब कई समितियों पर खाद का संकट सामने आ गया। कहीं स्टॉक शून्य है तो कहीं सीमित, जिससे काफी किसानों को यूरिया नहीं मिल सकी। हालांकि, अधिकारी जिले में पर्याप्त खाद होने का दावा कर रहे हैं।
जिले में 144 से अधिक समितियां हैं, जहां पिछले पांच दिनों से सर्वर खराब होने से वितरण ठप था। सोमवार से नए सर्वर से खाद वितरण शुरू होने के बाद पड़ताल कराई गई। इस दाैरान बिजुआ ब्लॉक के दाउदपुर, भीरा, मूड़ा सवारान और भदेड़ बी-पैक्स समितियों पर वितरण होता मिला, लेकिन गोंधिया, पड़रिया तुला, रमुआपुर और बस्तौली समितियों पर वितरण नहीं हुआ। पूछने पर बताया गया कि पांच दिन बाद सोमवार को खाद पहुंची है, जिसका वितरण मंगलवार को होगा। रामनगर और कांपटांडा में स्टॉक शून्य होने से सन्नाटा पसरा रहा। जिम्मेदारों ने बताया कि डिमांड भेजी गई है। भानपुर बी-पैक्स पर भी खाद नहीं है।
मितौली तहसील की औरंगाबाद समिति पर खाद न होने से किसान परेशान रहे। सुबह काफी किसान लाइन में लगने पहुंचे, लेकिन खाद न मिलने से मायूस लौट गए। धौरहरा क्षेत्र के गुदरिया, चकलाखीरपुर, ईसानगर और लौकाही मल्लपुर में भी सोमवार को खाद का वितरण नहीं हुआ। कुछ ने समितियों पर खाद न होने तो कुछ ने सर्वर खराब होने के कारण वितरण न होने की बात कही।
बेहजम की साधन सहकारी समिति बी-पैक्स अंछनिया में भी सुबह से किसानों की लंबी कतार लगी रही, जबकि समिति पर मात्र 300 बोरी यूरिया है। दो ट्रक खाद की डिमांड भेजी गई है। एडीओ कोऑपरेटिव राम पारस प्रजापति ने बताया कि भीड़ नियंत्रित करने के लिए गांववार वितरण कराने का निर्णय लिया गया है।
बरवर साधन सहकारी समिति पर भी यूरिया उपलब्ध नहीं है। सचिव राहुल सिंह ने बताया कि डिमांड भेजी गई है, लेकिन अभी खाद नहीं मिली है। ओयल में सोमवार को मात्र 70 किसानों को खाद बांटी गई। सचिव सचिन ने समिति पर पर्याप्त खाद होने की बात कही।
एआर कॉपरेटिव प्रवीण कुमार ने पड़रिया तुला में 100 बोरी, रम्पुरा में 300 बोरी खाद का वितरण कराया गया। इसके अलावा गुदरिया, चकलाखीरपुर, ईसानगर में भी खाद वितरण का दावा किया है।
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वितरण के दौरान पारदर्शिता पर सवाल
धौरहरा। बी-पैक्स धौरहरा पर सोमवार से यूरिया वितरण शुरू हुआ, लेकिन कई किसानों ने आरोप लगाया कि टोकन लेने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिली। घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का आरोप है कि टोकन व्यवस्था के बावजूद वितरण में पारदर्शिता नहीं है। समिति सचिव शिवा त्रिवेदी ने बताया कि सर्वर की समस्या के कारण पिछले पांच दिनों से वितरण प्रभावित था। अब टोकन के क्रम में उपलब्ध स्टॉक के अनुसार यूरिया दी जा रही है।
इन दिनों खाद की बहुत जरूरत है, लेकिन कहीं भी नहीं मिल पा रही है। औरंगाबाद समिति पर काफी दिनों से खाद नहीं है। जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए, ताकि हम किसान परेशान न हों।
-अखिलेश, खूंटी बुजुर्ग
अधिकारी बता रहे हैं कि जिले में खाद पर्याप्त है तो किसानों को क्यों नहीं मिल पा रही है। आखिर यह खाद जा कहां रही है। इसकी जांच होनी चाहिए। औरंगाबाद समिति पर खाद को लेकर गड़बड़ी भी हो चुकी है।
-अतुल कुमार, निवासी औरंगाबाद
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सोमवार से नए सर्वर से यूरिया का वितरण शुरू कराया गया। जिले में पर्याप्त खाद है। फिर भी किसी समिति पर खाद का वितरण नहीं हो रहा है तो उसे दिखवाते हैं। किसी की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
-प्रवीण कुमार, एआर कोऑपरेटिव
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जिले में खाद की उपलब्धता पर एक नजर (मीट्रिक टन में)
खाद - जुलाई तक लक्ष्य - मिला स्टॉक - वितरण - बचा स्टॉक
यूरिया - 118948 - 120482 - 99089 - 21393
डीएपी - 12781 - 13359 - 7843 - 5516
एनपीके - 12066 - 21985 - 9182 - 12803
एमओपी - 6588 - 2612 - 1412 - 1200
एसएसपी - 24526 - 42071 - 24624 - 17447
नोट : ये आंकड़े विभाग से लिए गए हैं।
धौरहरा बी पैक्स में यूरिया लेने के लिए मौजूद किसानों की। संवाद
धौरहरा बी पैक्स में यूरिया लेने के लिए मौजूद किसानों की। संवाद