लखीमपुर खीरी। आचार संहिता खत्म होने के बाद मंगलवार को सेवा योजन विभाग की ओर से आईटीआई में रोजगार मेला आयोजित किया गया। यहां कुल 232 युवाओं ने पंजीकरण कराया, इनमें से 115 का नौकरी के लिए चयन हुआ। मेले में आने वाले ज्यादातर युवा कम वेतन और नौकरी के लिए दूसरे शहरों में भेजे जाने को लेकर मायूस होकर लौट गए।
युवाओं ने बताया कि सुरक्षा गार्ड, सुपरवाइजर, बीमा एजेंट, हेल्फर, टेक्नीशियन आदि पदों पर चयन किया जा रहा है। कंपनियां 10 से 22 हजार रुपये तक वेतन देने की बात कह रही हैं। ज्यादातर पदों पर वेतन 15 हजार से कम ही है। इतने कम वेतन पर दूसरे शहर में रहना और काम करना मुश्किल है। भोजन और मकान के किराये में ही वेतन का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाएगा। घर आने-जाने और आवश्यक परिस्थितियों में होने वाले बचा वेतन भी चला जाएगा। ऐसे में हम लोग बचाएंगे क्या?
कई कंपनियां दूसरे प्रदेशों में भी भेज रही हैं। मेले में कुल चार कंपनियां पहुंची। आसपास के जिलों में नौकरी का ऑफर देने वाली कंपनी में सर्वाधिक युवा चयनित हुए। इस कंपनी के काउंटर पर भीड़ भी ज्यादा दिखी। रोजगार मेला के दौरान जिला सेवायोजन अधिकारी साक्षी डागुर, सेवा योजना विभाग के राजेश सिंह, मॉडल करियर सेंटर के यंग प्रोफेशनल विवेक यादव आदि मौजूद रहे।
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साक्षात्कार दिया है, चयन हुआ है कि नहीं यह तो बाद में पता चलेगा। अगर 20 हजार के आसपास वेतन की नौकरी मिलती है तो करेंगे नहीं तो कोई फायदा नहीं। -अमित कुमार, गोला
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बी-कॉम तक पढ़ाई की है। रोजगार मेला की जानकारी होने पर यहां साक्षात्कार देने आया। नौकरी के लिए बाहर जाना पड़ेगा। अगर अच्छा पैकेज होगा तभी जाऊंगा। -अमित सिंह, अर्जुनपुरवा
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पिछले बार एक कंपनी में 10 हजार रुपये वेतन और ओवरटाइम की शर्त पर नौकरी करने गया नोएडा गया था। जब वहां पहुंचे तो उनके नियम कुछ और ही थे। न ओवर टाइम मिला और न ही कोई अन्य सुविधा दी गई है। ऐेसे में कुछ दिन बाद ही नौकरी छोड़कर चला आया था।
-अनुराग शर्मा