घाघरा की तेज लहरों के सामने मकान की नींव तोड़ता पीड़ित। संवाद
धौरहरा। घाघरा नदी की कटान तेलियनपुरवा गांव तक पहुंची तो ग्रामीणों के सामने आशियाना बचाने का संकट खड़ा हो गया। नदी में घर समाने के डर से लोग खुद ही अपने मकानों पर हथौड़े चला रहे हैं।
दीवारें तोड़कर ईंटें और दूसरी उपयोगी सामग्री निकाल रहे हैं, ताकि नदी सब कुछ निगलने से पहले सामान सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा सकें। पिछले दो दिनों में इसराइल और कल्लू के घर नदी में समा चुके हैं, जबकि करीब 10 अन्य घर कटान की जद में हैं।
ईसानगर विकास खंड के इस गांव में पिछले 15 दिनों से घाघरा नदी से कटान जारी है। इस दौरान किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल और जमीन नदी में समा चुकी है। अब कटान गांव तक पहुंचने से बांके, सहाबू और रामलखन समेत कई परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा है। ग्रामीणों को आशंका है कि उनके घर भी कभी नदी में समा सकते हैं। इसी डर से वे मकानों को खुद तोड़कर उनमें लगी उपयोगी सामग्री निकालने में जुटे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि बाढ़ खंड की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। जल्द बचाव कार्य शुरू कराया जाएगा।
एसडीएम राशि कृष्णा ने बताया कि जिन ग्रामीणों के घर नदी में कट चुके हैं, उन्हें सरकारी सहायता दी जाएगी। बचाव कार्य के लिए बाढ़ खंड की टीम ने निरीक्षण किया है।