2015-16 के उपभोग प्रमाण पत्र जमा नहीं किए
दो किस्तों में जारी होनी थी 24.95 करोड़ धनराशि
पांचवी बार रिमाइंडर, डीपीआरओ ने दी एफआईआर की चेतावनी
ग्राम और क्षेत्र पंचायतों को 2016-17 में चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की धनराशि अब तक नहीं दी है, क्योंकि 2015-16 में व्यय की गई धनराशि का ब्यौरा अधिकतर पंचायतों के सचिवों (ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी) ने नहीं दिया है। इससे अब तक दो किस्तों में दी जाने वाली करीब 24.95 करोड़ धनराशि जिला मुख्यालय पर ही रोक ली गई है। डीपीआरओ ने पांचवी बार रिमाइंडर जारी करते हुए एफआईआर दर्ज कराने की कड़ी चेतावनी दी है, क्योंकि कुछ लोगों की लापरवाही से उपभोग जमा कर चुकीं ग्राम और क्षेत्र पंचायतों को बजट जारी नहीं हो पा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2015-16 में चतुर्थ राज्य वित्त आयोग और 13वां/14वां वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि सभी ग्राम पंचायतें और क्षेत्र पंचायतें व्यय कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कराए गए कार्यों का व्यय विवरण एवं उपभोग प्रमाण पत्र डीपीआरओ कार्यालय में जमा नहीं हुए हैं। विभाग के मुताबिक निघासन, मोहम्मदी, मितौली, रमियाबेहड़ और नकहा ब्लाक से सभी ग्राम पंचायतों के उपभोग प्रमाण पत्र प्राप्त हो गए हैं, लेकिन लखीमपुर, बेहजम, फूलबेहड़, गोला, बिजुआ, बांकेगंज, पसगवां, धौरहरा, ईसानगर और पलिया ब्लाक की 323 ग्राम पंचायतों के उपभोग प्रमाण पत्र जमा नहीं हुए हैं। इसी तरह बांकेगंज, निघासन और मितौली क्षेत्र पंचायतों को छोड़कर अन्य 13 ग्राम पंचायतों ने उपभोग प्रमाण पत्र नहीं दिए हैं। ग्राम पंचायतों के उपभोग प्रमाण पत्र जमा कराने की जिम्मेदारी ग्राम सचिवों पर है, जबकि क्षेत्र पंचायतों के उपभोग प्रमाण पत्र बीडीओ को देने हैं।
उपभोग न देने से 24.95 करोड़ अटके
उपभोग प्रमाण पत्र जमा करने में देरी की वजह से वर्ष 2016-17 में चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की दो किस्त धनराशि ग्राम एवं क्षेत्र पंचायतों को नहीं दी गई है। 1167 ग्राम पंचायतों को अब तक 20 करोड़ 79 लाख 90 हजार 136 रुपये दो समान किस्तों में मिलने थे। वहीं क्षेत्र पंचायतों को दो किस्तों में चार करोड़ 15 लाख 96 हजार 500 रुपये दिए जाने थे।
जिन ग्राम पंचायतों के उपभोग प्रमाण पत्र जमा नहीं किए गए हैं, उनके एडीओ पंचायत से ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी की सूची तीन दिन के अंदर मांगी गई है। इस अवधि में उपभोग प्राप्त न होने की दशा में एफआईआर दर्ज कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील कुमार पांडेय, डीपीआरओ