लखीमपुर खीरी। 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस है। इस उपलक्ष्य पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर लगेगा। इसमें 18 साल से अधिक उम्र के लोग जरूरतमंदों की जान बचाने के लिए रक्तदान कर सकते हैं।
ब्लडबैंक प्रभारी डॉ. संतोष कुमार मिश्रा बताते हैं कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है। एक यूनिट रक्त देकर किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। इससे बेहद खुशी मिलती है और मरीज की जान बचने के साथ रक्तदाता की सेहत भी तंदुरूस्त रहती है। उन्होंने बताया कि रक्त को बनाया नहीं जा सकता, उसे केवल शरीर से निकाला जाता है। नियमित रक्तदान करने से हृदय सेहतमंद रहता है। ऐसा करने से दिल की बीमारियां व स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है। रक्तदान करते रहने से खून पतला रहता है, जो हृदय के लिए अच्छा होता है। कैंसर व दूसरी बीमारियों का खतरा भी कम होता है। क्योंकि शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ कम हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि हर स्वस्थ व्यक्ति को तीन माह में एक बार रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से शरीर में किसी भी तरह की कमी या कमजोरी नहीं आती है।
दूसरों की जान बचाने में एसएसबी हमेशा आगे
- पूर्व सैनिक के परिजन की जान बचाने के लिए तिकुनिया से आकर किया रक्तदान
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। रक्तदान कर किसी की जान बचाने में एसएसबी के जवान हमेशा आगे रहते हैं। सोमवार को एक बुजुर्ग के लिए तिकुनिया से दो जवान जिला अस्पताल पहुंचे और दो यूनिट रक्तदान किया। युवक के पिता भारतीय थल सेना में जवान रह चुके हैं। इस बात की जानकारी होते ही एसएसबी के दो जवान आगे आये और उन्होंने रक्तदान करते हुए मरीज (पूर्व जवान) की जान बचाई।
तिकुनिया के खमरिया कोइलार निवासी पूर्व सैनिक ने अपने पिता के लिए एसएसबी के जवानों से रक्त की मदद मांगी तो वह पीछे नहीं हटे। एसएसबी बरसोला क्षेत्र के तिकुनिया निवासी देवेन्द्र जीत सिंह के पिता मुखविंदर सिंह काफी बीमार थे। डॉक्टरों ने दो यूनिट ब्लड की मांग की, जिस पर पुत्र देवेंद्र ने कई लोगों से ब्लड देने की बात कही, लेकिन कोई आगे नहीं आया।
जानकारी मिलने के बाद एसएसबी की 70वीं वाहिनी के जवानों को लगी। जिस पर जवानों ने बिना किसी देरी के सहायक कमांडेंट शैलेश कुमार व उपनिरीक्षक संदीप सिवाच सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे और दो यूनिट रक्तदान किया। रक्त मिलने के बाद मरीज की हालत में सुधार होना बताया जा रहा है। आवश्यकता के समय मदद के लिए पहुंचे जवानों की प्रशंसा की।
रक्तदान करता एसएसबी का जवान