न्याय के देवता कहे जाने वाले शनिदेव अपनी ही राशि कुंभ में वक्री हो चुके हैं। वक्री का अर्थ है मार्ग से विपरीत चलना। जब कोई भी ग्रह अपने मार्ग से भटकता है तो इसका लोगों पर असर पड़ता है। ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि शनि ग्रह, चार नवंबर तक कुंभ राशि में वक्री रहेंगे।
राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव
मेष: व्यवसायिक लाभ, लेकिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी।
वृषभ: भाग्य में रुकावट का सामना करना पड़ेगा। यात्रा में दिक्कत आएंगी।
मिथुन: स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। दुर्घटना हो सकती है।
कर्क: शादी-ब्याह तय हो सकते हैं। नौकरी की स्थिति में सुधार आएगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
सिंह: शत्रुओं पर विजय प्राप्ति होगी। पैर में चोट लग सकती है। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा।
कन्या: बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। प्रेम विवाह हो सकता है। नव प्रेम का आगमन हो सकता है।
तुला: प्रेम और संतान को लेकर मानसिक रूप से परेशान रहेंगे। व्यापार के लिए नए मार्ग बनेंगे।
वृश्चिक: गृह कलह की स्थिति बन सकती है। घर के विवाद को शांति से निपटाएं। व्यापार ठीक चलेगा।
धनु: कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। व्यवसायिक लाभ होगा। नाक,कान और गले से संबंधित परेशानी होगी।
मकर: निवेश से बचें। परिवार में कलह की स्थिति हो सकती है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा।
कुंभ: प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार अच्छा रहेगा,लेकिन पार्टनरशिप से बचें।
मीन: आय के नए मार्ग बनेंगे। व्यापार की स्थिति अच्छी होगी। परेशानियों से निजात मिलेगी।