पारा 40 डिग्री पर पहुंचा, पसीने में सराबोर हुए लोग
जरूरतमंद ही निकले बाहर, दोपहर में थम गया ट्रैफिक
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तापमान....
अधिकतम : 40.0 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम : 29.0 डिग्री सेल्सियस
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तन को झकझोर देने वाली भीषण गर्मी में इंसान से लेकर जानवर तक राहत की तलाश में हैं। सुबह से आग उगलते सूरज को देखकर किसी का मन घर से बाहर निकलने को नहीं होता, लेकिन जरूरतमंद मजबूरी में सिर ढककर बाहर निकल रहे हैं। पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। शनिवार को पारा 40 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को यह 38 डिग्री पर था। शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रिकार्ड किया गया। शनिवार को भीषण गर्मी के कारण दोपहरी में सड़कें सूनी हो गईं। यातायात थम सा गया।
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सड़कों पर इक्का-दुक्का दिखे लोग
दोपहर 02.00 बजे जब सूरज की तपिश चरम पर थी। सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखे। भीषण गर्मी के कारण दोपहर में बाजारों में सन्नाटा छा गया। सूरज की तपिश से बचने के लिए लोग सुबह और शाम को रोजमर्रा की चीजें खरीदते देखे गए। दोपहिया और चौपहिया वाहन भी सड़कों पर कम नजर आए।
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स्टेशन और बस अड्डे पर भी दिखा असर
रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे पर लोग गर्मी से बेहाल दिखे। लोगबाग छाया की तलाश करते देखे गए। नित्य की अपेक्षा शनिवार को यहां भीड़ कम रही।
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कूलर-फ्रिज के साथ बैटरी वाले पंखों की बिक्री बढ़ी
भीषण गर्मी में बिजली कटौती बढ़ गई है, इसी के चलते कूलर-फ्रिज की खरीदारी बढ़ गई है। बिजली न होने पर बैटरी वाले पंखों को चलाया जा रहा है।
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तेज धूप में लग सकती है लू
चिकित्सक डॉ अनुराग सेठ के अनुसार तेज धूप और गर्म हवाएं हानिकारक हो सकती हैं, जिससे लू लग सकती है, इसलिए धूप में निकलते समय एहतिहात बरतें और छाता लेकर तथा तन को ढककर चलें। खूब पानी पिएं, तभी लू से बचाव हो सकता है।
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लू लगने के लक्षण
पैर-हाथ में अकड़न, चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छाना, उल्टी होना, थका-थका सा महसूस करना, सिर में दर्द होना, बुखार का महसूस होना।
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बचाव और एहितिहात
-दिन में कम से कम 10 से 12 गिलास पानी पिएं
-बासी भोजन कदापि न खाएं
-ठंडे पानी से बार-बार चेहरे को धोएं
-ज्यादा तला-भुना खाना नहीं खाएं
-तरबूज, ककड़ी, नींबू-पानी ज्यादा लें
हल्के और सूती कपड़े फुल बाजू के पहनें
-धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लोशन लगाएं