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सत्संग भवन निर्माण में देरी पर भड़कीं पालिकाध्यक्ष

Fri, 08 Jul 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ।
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nagar palika - फोटो : amar ujala
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ठेकेदार के कर्मचारियों पर अभद्रता का आरोप
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हनुमान मंदिर में हो रहे निर्माण को देखने गईं थीं
सहायता केन्द्र में रखे सामान को भरवाने पर हुआ विरोध
तत्कालीन एसडीएम/प्रशिक्षु आईएएस पर लगाए आरोप
नगर पालिका परिषद के निर्माणाधीन सत्संग भवन के निर्माण में देरी और मनमाफिक कार्य न होने पर नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल भड़क उठीं। उन्होंने काम रुकवाने का निर्देश दिया और मेला सहायता केंद्र में रखे ठेकेदार के सामान को जब्त करा लिया, जिस पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई तो वह बिफर गईं। इस बीच पहुंची पुलिस और मीडिया के लोगों से उन्होंने कहा कि तत्कालीन एसडीएम और प्रशिक्षु आईएएस के यहां हो रहे हस्तक्षेप  से वह परेशान हैं। उन्हीं के कहने पर ठेकेदार सत्संग स्थल पर चबूतरा नहीं बनवा रहा है, जबकि ठेकेदार का कहना है कि चबूतरा बनाने के लिए उनसे कहा ही नहीं गया। फिलहाल यह मामला नगर में चर्चा का केन्द्र बना रहा।
शुक्रवार की दोपहर को पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल, जेई राकेश कुमार के साथ मिल डायवर्जन मार्ग स्थित हनुमान मंदिर परिसर के पास नगर पालिका द्वारा बनवाए जा रहे सत्संग भवन को देखने पहुंची। यहां जेई से पूछा, चबूतरा क्यों नहीं बन रहा है। इसके बाद उन्होंने काम रुकवा दिया। यह भी बताया कि तीन महीने में पूरा होने वाला काम एक साल में भी नहीं पूरा हुआ। इसके बाद मंदिर द्वार के पास मेला सहायता केंद्र के कमरों में ठेकेदार द्वारा बिना अनुमति रखा सामान देखा तो खफा होते हुए उसे भरवाने के निर्देश दिए। इसी बीच ठेकेदार के लोग पहुंच गए और विरोध करने लगे, जिस पर पालिकाध्यक्ष बिफर पड़ीं। बीच मौके पर कोतवाल एसएन द्विवेदी और मीडिया के लोग पहुंच गए। उन्हें देखकर पालिकाध्यक्ष ने रोते हुए कहा कि तत्कालीन एसडीएम/प्रशिक्षु आईएएस के लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। यह कहकर वह कांपने लगीं और खुद को संभालते हुए एक कुर्सी का सहारा लेकर बैठ गईं। उधर सहायता केंद्र में रखी निर्माण सामग्री को जब्त कर उसकी साफ सफाई का कार्य शुरू करा दिया। उधर, कोतवाल एसएन द्विवेदी ने बताया कि मंदिर में तोड़फोड़ की सूचना पर वह फोर्स के साथ पहुंचे थे, लेकिन नगर पालिका के निर्माण और पालिकाध्यक्ष को देखकर वह लौट आए।
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मनमाने ढंग से बनवा दिया गया मंदिर ट्रस्ट
गोला गोकर्णनाथ। नगर पालिका सभागार में पालिकाध्यक्ष ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि वह जिस हनुमान मंदिर को नगर पालिका परिषद का जान रहीं थीं, उसका 10 जनवरी 2014 को तत्कालीन प्रभारी ईओ/एसडीएम/प्रशिक्षु आईएएस और तहसीलदार ने ट्रस्ट बनवा दिया था, जिसमें उन्हें (पालिकाध्यक्ष) संरक्षक बनाया गया है, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं है। उन्होंने मंदिर का मनमाने ढंग से ट्रस्ट बनाए जाने पर दुख जताया है। साथ ही कहा है कि तत्कालीन एसडीएम यहां बराबर हस्तक्षेप कर रहे हैं, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। पालिकाध्यक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर तत्कालीन एसडीएम अभी तक गोला गोकर्णनाथ का मोह क्यों नहीं छोड़ पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी ठेकेदार को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। फिलहाल सत्संग भवन का काम रुकवा दिया गया है और मामले की जांच जेई को सौंपते हुए रिपोर्ट मांगी है।

पालिकाध्यक्ष ने जो कुछ किया, वह समझ से परे 
सत्संग स्थल का निर्माण करा रहे ठेकेदार अवधेश सिंह का कहना है कि वर्कआर्डर के साथ उन्हें कोई नक्शा अथवा निर्माण का ड्राइंग नहीं मिला था। निर्माण कार्य जेई की देखरेख में वह करा रहे हैं। उनसे चबूतरे की बाबत कोई बात ही नहीं हुई है। ठेकेदार का यह भी कहना है कि उनकी गैर मौजूदगी में पालिकाध्यक्ष ने निर्माणस्थल पर जो कुछ किया, वह समझ से परे है।

ठेकेदार को दी गई नोटिस
जेई राकेश कुमार ने बताया है कि ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं, जिसके लिए नोटिस दिया गया है। ठेकेदार से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। निर्देशानुसार कार्य न करने पर ठेकेदार के विरुद्घ कार्रवाई भी की जाएगी।
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एसडीएम को नहीं है ट्रस्ट की जानकारी
हनुमान मंदिर के ट्रस्टी के रूप में एसडीएम गोला पदेन अध्यक्ष है, लेकिन उपजिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता का कहना है कि उन्हें मंदिर के ट्रस्ट की जानकारी नहीं है। उन्हें आज के घटनाक्रम के बारे में सिर्फ इतना पता है कि निर्माण रुकवाया गया है। वह शनिवार को मामले को देखेंगे।
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