लखीमपुर खीरी। सहालग शुरू होते ही शहर के बाजारों में बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। शादी में उपहार के रूप में दिए जाने वाले बर्तनों की खरीदारी तेज हुई है, लेकिन इस बार भारी और अधिक वजन वाले बर्तनों की मांग में कमी देखी जा रही है।
बाजार में स्टील करीब 300 रुपये प्रति किलो, एल्यूमीनियम 450 रुपये प्रति किलो और पीतल 900 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। धातुओं के बढ़े दामों का असर सीधे खरीदारी पर पड़ा है। ग्राहक अब कम वजन वाले बर्तन और छोटे सेट को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में पीतल के बर्तनों की कीमतों में 300 रुपये से अधिक और तांबे के बर्तनों में करीब 400 रुपये तक की वृद्धि हुई है। वहीं एल्यूमिनियम और स्टील के बर्तनों के दाम भी 200 से 300 रुपये तक बढ़ गए हैं।
दुकानदारों का कहना है कि पीतल और तांबे के भाव इस समय काफी अधिक हैं, जिसका सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ रहा है। पहले जहां लोग पांच किलो तक के भारी बर्तन खरीद लेते थे, वहीं अब ढाई से तीन किलो तक के हल्के बर्तन ही ले रहे हैं। खासकर शादी-ब्याह में देने के लिए भी हल्के और कम कीमत वाले बर्तनों की मांग बढ़ गई है। बढ़ती महंगाई का असर कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
सीमित खर्च पर जोर
दुकानदार रंजीत ने बताया कि सहालग के कारण बिक्री बढ़ी है, लेकिन पहले की तरह बड़े और भारी बर्तनों की खरीद कम हो गई है। कृष्ण कुमार के अनुसार, ग्राहक बजट को ध्यान में रखते हुए हल्के सेट चुन रहे हैं। दीपू अग्रवाल का कहना है कि पहले लोग वजन के हिसाब से बर्तन लेते थे, अब सीमित खर्च में रस्म निभाने पर जोर है। अशोक गुप्ता ने बताया कि बाजार में रौनक है, मगर खरीदारी का पैटर्न बदला हुआ है।
व्यापारियों का मानना है कि सहालग के चलते कारोबार में तेजी आई है, किंतु महंगाई का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।