लखीमपुर खीरी। खाद्य पदार्थों में मिलावट और बिना पंजीकरण कारोबार करना 45 दुकानदारों को महंगा पड़ गया। एडीएम न्यायालय ने 45 मामलों की सुनवाई के बाद संबंधित कारोबारियों पर कुल 4.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी को एक माह के भीतर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा में राशि जमा न करने पर आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।
सहायक आयुक्त खाद्य बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि निस्तारित 45 मामलों में 23 बिना पंजीकरण दुकान संचालन से जुड़े थे। इन मामलों में 2.65 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 22 मामले खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन से संबंधित थे।
इन मामलों में बिना दूध वाली तीन मिठाई के नमूनों पर 20 हजार रुपये, छह खाद्यान्न नमूनों पर 75 हजार रुपये, एक मसाला नमूने पर 10 हजार रुपये, एक प्रोसेस्ड दूध नमूने पर पांच हजार रुपये, तीन रिफाइंड नमूनों पर 25 हजार रुपये, तीन पनीर नमूनों पर 30 हजार रुपये, एक मावा नमूने पर 10 हजार रुपये तथा चार दूध के नमूनों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि जून में पनीर, दूध, बेसन समेत 41 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इनमें 39 अधोमानक और दो असुरक्षित श्रेणी के हैं। इनके खिलाफ वाद दायर किए जा रहे हैं। अधोमानक मामलों की सुनवाई एडीएम न्यायालय और असुरक्षित मामलों की सुनवाई सीजेएम कोर्ट में होगी।