लखीमपुर खीरी। यूनिसेफ के आंकड़ों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों का वजन, लंबाई के आंकड़े पोषण ट्रैकर एप से भिन्न मिले। वहीं लाभार्थियों का आधार सत्यापन तो 99 प्रतिशत से अधिक था, लेकिन मोबाइल वेरिफिकेशन नहीं किया गया।
जिला पोषण समिति की बैठक में समीक्षा के बाद सीडीओ अभिषेक कुमार ने सीडीपीओ, सुपरवाइजर का वेतन रोकने के साथ जिला समन्वयक व ब्लॉक समन्वयकों का मानदेय रोकने का निर्देश दिया है।
साथ ही आंकड़े ठीक न मिलने पर 23 कार्यकर्ताओं का भी मानदेय रोका गया है। बता दें कि पोषण ट्रैकर एप पर आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत महिलाओं, बच्चों का डाटा दर्ज किया जाता है। हर महीने शून्य से पांच साल तक के बच्चों का वजन व लंबाई माप कर दर्ज करनी होती है। यूनिसेफ इसका सत्यापन करती है।
जिला पोषण समिति की बैठक में सीडीओ अभिषेक कुमार ने पोषण ट्रैकर एप पर दर्ज आंकड़ों की समीक्षा की तो पता चला कि पोषण ट्रैकर एप पर दर्ज लाभार्थियों का आधार सत्यापन 99 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन मोबाइल सत्यापन करीब 70 प्रतिशत का ही मिला।
सीडीओ ने सीडीपीओ, सुपरवाइजरों का वेतन और जिला समन्वयक व ब्लॉक समन्वयकों का मानदेय रोकने का निर्देश दिया। वहीं, बच्चों का पूरा विवरण ई-कवच एप पर दर्ज कराने को कहा। जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद ने बताया कि जिन कार्यकर्ताओं ने बच्चों का वजन व लंबाई सही नहीं दर्ज की है, उनका मानदेय रोका जा रहा है।