लखीमपुर खीरी। विकास कार्यों में लापरवाही बरतने और सरकारी धनराशि समय पर खर्च न करने वाली 16 ग्राम पंचायत के सचिवों का वेतन रोक दिया गया है।
लापरवाह सचिवों ने पिछले वित्तीय वर्ष का बजट अब तक खर्च नहीं किया था। विभागीय समीक्षा में लापरवाही सामने आने पर डीपीआरओ ने संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की। चेतावनी दी गई कि जल्द ही भुगतान का उपयोग कर रिपोर्ट दें।
ग्राम पंचायतों में सड़क, नाली, खड़ंजा सहित अन्य विकास कार्यों के लिए अलग-अलग मदों में काफी बजट आता है। शासन स्तर से बजट तो लगातार भेजा जा रहा है, लेकिन सचिव बजट का समय पर उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण जिले की सीएम डैश बोर्ड रैंकिंग भी प्रभावित हो रही है।
पंचायतीराज अधिकारी ने इसको लेकर समीक्षा की तो 15वें वित्तीय और पांचवें वित्तीय आयोग में आठ-आठ ग्राम पंचायतों के सचिवों की लापरवाही सामने आई। संबंधित सचिवों ने पिछले वित्तीय वर्ष का बजट अब तक नहीं खर्च पाए, जो एक बड़ी लापरवाही है।
डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि 15वें वित्तीय आयोग में बजट खर्च न कर पाने वाले कुंभी के सर्वेश कुमार वर्मा, ईसानगर के आकाश, बांकेगंज के हरी लाल राणा, बांकेगंज के विजय अवस्थी, बांकेगंज के अमित गुप्ता, पलिया के दो ग्राम पंचायतों की अन्यया सिंह और फूलबेहड़ के डाली तिवारी का वेतन रोका गया है।
इसी तरह 5वें वित्तीय आयोग में बांकेगंज के हरीलाल, कुंभी गोला की दो ग्राम पंचायतों के सर्वेश कुमार, लखीमपुर में पंकज, बांकेगंज के बिजेंद्र अवस्थी, पलिया की अन्यया, नकहा के राहुल और बेहजम के रमेश का वेतना रोका गया है।