थाना क्षेत्र के छेदुई पतिया में एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव गांव से बाहर रमेश के खेत में लगे आम के पेड़ से लटकता मिला। मृतक के परिवारीजनों का कहना है कि लखई ने साहूकारों से 50 हजार रुपए का कर्ज ले रखा था, जिसे वह अदा नहीं कर पा रहा था। इसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
थानाक्षेत्र के गांव छेदुई पतिया के मजरा टापरपुरवा में सोमवार की सुबह जब लोग शौच के लिए खेतों पर गए थे तो गांव के उत्तर में रमेश के खेत में लगे आम के पेड़ से 60 वर्षीय लखई के शव लटकता देखा। यह खबर फैलते ही वहां भीड़ लग गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रो-रोकर बेहाल मृतक की पत्नी चंद्रवती और पुत्री शानू ने बताया कि लखई के पास करीब तीन बीघा जमीन थी। जिसे उसने सालाना छह हजार रुपए पर ठेके पर उठा रखा था। वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का खर्च चलाता था। बेटों और बेटी की शादी के लिए साहूकारों से कर्ज लिया था। साहूकार कर्ज अदायगी के लिए उसपर दबाव बना रहे थे। इससे परेशान होकर उसने मौत को गले लगा लिया। नायब तहसीलदार रामनरायन का कहना है कि कर्ज के कारण आत्महत्या की जानकारी नहीं मिली है, फि लहाल मामले की जांच की जाएगी।
कर्ज के साथ थी बेटी की शादी की चिंता
टापरपुरवा निवासी वृद्ध लखई का वैसे तो भरा-पूरा परिवार है। चार बेटे राजेश, सुमित, शिवा और राम के अलावा चार बेटियां गुड्डी, केशकुमारी, गेंदा देवी और शानू हैं। चार बेटे और तीन बेटियों का ब्याह वह पहले ही कर चुका था। विवाह के बाद उसके बेटे लखई से अलग हो गए थे। छोटी बेटी शानू की शादी और साहूकारों से लिए गए कर्ज अदायगी की चिंता उसे सता रही थी।