फरधान रजागंज स्टेशन के बीच मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर बुधवार को शुरू हुए रेलवे अंडरपास निर्माण कार्य का विरोध करते हुए ग्रामीण धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास के नीचे से गन्ना भरी ट्राली नहीं निकल सकेगी, जिससे गन्ना सेंटर तक जाने में दिक्कत होगी। जबकि इस क्रासिंग से तीन सेंटरों पर किसान गन्ना बेचने के लिए जाते हैं। ग्रामीणों के विरोध पर रेलवे जेई ने फिलहाल काम बंद कर दिया तब जाकर ग्रामीणों का धरना खत्म हुआ।
अमान परिवर्तन को लेकर ऐशबाग मैलानी रेल प्रखंड के बीच की मानवरहित रेलवे क्रासिंग को खत्म करके रेलवे अंडरपास का निर्माण करावा रहा है। इसके तहत बुधवार को फरधान रजागंज स्टेशन के बीच क्रासिंग संख्या 140 पर अंडरपास का निर्माण शुरू किया। इसकी सूचना मिलते ही आस पास के गांव वालों ने विरोध करना शुरू दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्रासिंग से फरधान रजागंज के बीच सबसे अधिक आवागमन होता है और यह पीलीभीत बस्ती हाइवे से जुड़ती है, लेकिन रेलवे के लोगों ने आला अधिकारियों को गलत रिपोर्ट देकर क्रासिंग को अंडरपास में तबदील करने की स्वीकृत करवा ली। अंडरपास बनने से वाहनों का आवागमन नहीं हो पाएगा और बारिश के मौसम में अंडर पास तालाब बन जाएगा, जिससे आना जाना मुश्किल होगा। ग्रामीणों का कहना है कि गन्ना सीजन में गन्ना भरी ट्राली भी अंडरपास से नहीं निकल पाएंगी। जबकि दर्जन भर से अधिक गांवों का गन्ना इसी क्रासिंग से होकर सेंटरों पर जाता है। काम रुकने की जानकारी पहुंचे रेल विभाग के जेई मोहम्मद आरिफ का कहना है कि अंडर पास बनने के समय परेशानी होगी, लेकिन बाद में सुविधाजनक साबित होगी। उन्होंने बताया कि डीएम की परमीशन से ही अंडरपास का परमिट मिला है और उन्हीं के आदेश पर काम रूक सकता है। इस पर ग्रामीणों ने क्रासिंग को रेलवे क्रासिंग ही रहने देने की मांग संबंधी ज्ञापन रेलवे जेई को दिया है। इस दौरान आस पास के सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे।