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रुद्रपुर खुर्द अग्निकांड : भाई-बहन की मौत के बाद पिता की भी मौत

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महेवागंज। सदर तहसील के रुद्रपुर आग हादसे में दो बच्चों की मौत के बाद अस्पताल में भर्ती पिता रामपाल की शनिवार सुबह लखनऊ में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव का पैतृक गांव धौरहरा के सुजानपुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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रुद्रपुर गांव में बुधवार देररात रामपाल के छप्परनुमा घर में आग लग गई थी। आग में रामपाल के छोटे पुत्र अंकित (9) और उसकी बहन अंजली (15) की मौत हो गई थी। बच्चों को बचाने की कोशिश में पिता रामपाल गंभीर रूप से झुलस गया था। डॉक्टरों ने हालत देख उसे लखनऊ रेफर किया था। आग में छह अन्य लोगों के घर भी जलकर राख हो गए थे। इधर, लखनऊ के ट्रामा में भर्ती रामपाल ने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया।

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यशोमती पर टूटा दुखों का पहाड़

आग में जलकर दो बच्चों की मौत के बाद शनिवार को पति रामपाल की मौत की खबर से यशोमती पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 12 साल के पुत्र अमित के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया। पति के शव से लिपट कर यशोमती दहाड़ मार कर रोते हुए बेसुध हो गई। मृतक के बुजुर्ग पिता चंदिका और छोटे भाई राकेश को भी लोग ढांढस बंधाते रहे। इधर, रुद्रपुर और सुजानपुर दोनों गांवाें में मातम पसरा रहा।
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मुआवजे के नाम पर एक ढेला नहीं मिला

इस अग्निकांड में छह घर जल गए थे। घटना के अगले दिन डीएम और एसपी ने मौका मुआयना किया था। वहीं, भाजपा और सपा के नेता भी दुख बांटने पहुंचे थे। प्रशासन ने मदद और मुआवजे का आश्वासन भी दिया था। मुआवजे के लिए पांच दिन बाद भी पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। अभी तक उन्हें मुआवजे के नाम पर एक ढेला नहीं मिला है।
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