एसपी ने एसओ और तीन सिपाहियों को किया निलंबित
धौरहरा कोतवाली के माधौपुरवा गांव निवासी सुरेश कुमार वर्मा (55) का शव शुक्रवार सुबह जेल के शौचालय में फंदे से लटका मिला था। जानकारी होने पर परिजनों ने पहले धौरहरा कोतवाली, फिर पोस्टमॉर्टम हाउस पर हंगामा किया। वे एसओ पर पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा रहे थे। इसके बाद एसपी संकल्प शर्मा ने धौरहरा एसओ शिवाजी दुबे व तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया।
सुरेश पर गांव की ही सीमा (40) की हत्या का आरोप था। घटना 15 अक्तूबर को हुई थी। पुलिस ने इस मामले में बृहस्पतिवार शाम सुरेश को कोर्ट के आदेश पर जेल में दाखिल कराया था। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे सुरेश जेल के शौचालय में गया। काफी देर तक वह बाहर नहीं आया। इस पर निगरानी कर रहे बंदी रक्षक ने आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद बंदी रक्षक ने जिला कारागार प्रशासन को सूचना दी।
जेल अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि सुरेश ने गमछे का फंदा बनाकर शौचालय के दरवाजे के पास लगे एंगल में लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर परिजन आक्रोशित हो उठे। उन्होंने धौरहरा कोतवाली का घेराव कर दिया। परिजनों ने धौरहरा एसओ शिवाजी दुबे पर गंभीर आरोप लगाए। पोस्टमॉर्टम हाउस पर परिजनों और पुलिस के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने किसी तरह हालात संभाले। करीब चार बजे शव पोस्टमॉर्टम के बाद गांव पहुंचा तो परिजनों ने वहां भी जोरदार प्रदर्शन किया।
48 घंटे के अंदर हो सेफ्टी-सिक्योरिटी ऑडिट
जेल में हुई घटना की सूचना मिलने पर डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी संकल्प शर्मा ने एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी पवन गौतम के साथ शुक्रवार सुबह ही घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीएम ने जेल अधीक्षक से घटना के संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही विशेष पैनल गठित कर वीडियोग्राफी सहित पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया। डीएम ने एसपी को 48 घंटे के अंदर जेल का सेफ्टी-कम-सिक्योरिटी ऑडिट पूरा कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। डीएम ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के लिए एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।