लखीमपुर खीरी। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) योजना के तहत जिले के निजी विद्यालयों में पढ़ रहे 3724 बच्चों के अभिभावकों के खातों में 1.86 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। पांच हजार रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से यह धनराशि दी गई है। इससे अभिभावक बच्चों का कोर्स, ड्रेस, जूता-मोजा और बैग आदि खरीद सकेंगे।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि आरटीई पोर्टल पर 848 निजी स्कूल पंजीकृत हैं। इनमें पांच हजार सीटें आवंटित हैं। निजी स्कूलों में कोर्स, ड्रेस, जूता-मोजा आदि के खर्च से अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसलिए हर साल पांच हजार रुपये उनके खातों में भेजे जाते हैं। स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की धनराशि भी दी जाती है। शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद से अभिभावक इस धनराशि का इंतजार कर रहे थे।
योजना के तहत 3895 छात्र-छात्राएं विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत हैं। शासन से ग्रांट मंजूर होने के बाद 3724 बच्चों के अभिभावकों को धनराशि भेजी गई है। शेष बच्चों के अभिभावकों के खातों में दिक्कत के चलते धनराशि नहीं पहुंच सकी। बीएसए ने बीईओ को दो दिनों में अभिभावकों से संपर्क कर खाते दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके। धनराशि मिलने से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।