लखीमपुर खीरी। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम का तीसरा चरण समाप्त हो गया है। इसमें 800 से अधिक आवेदन मिले हैं। 27 को रामनवमी का अवकाश होने के चलते अब 28 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी। फिलहाल, अभी तक पहले और दूसरे चरण में हुई लाॅटरी के बाद पात्र अभिभावकों के आदेश पत्र बीआरसी पर नहीं पहुंचे हैं।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीई के तहत प्रवेश दिलाया जाता है। आरटीई के पोर्टल पर 848 स्कूल पंजीकृत हैं, जहां पर पांच हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को सीटें आवंटित की जाती हैं। पहले चरण में विभाग को 1371 आवेदन मिले थे। इसमें से 780 पात्र पाए गए थे, जिसमें से 591 आवेदनों को अपात्र घोषित कर दिया गया था।
लॉटरी के दौरान 544 छात्रों को सीटों आवंटित की गई थीं। इसमें से 236 ऐसे बच्चों के आवेदन थे, जो पात्र होने के बाद भी उन्हें सीटें नहीं दी जा सकी थीं। दूसरे चरण में 805 आवेदन आए थे। बीईओ ने 260 आवेदनों को अपात्र घोषित किया गया, जबकि 545 आवेदन स्वीकार किए गए। बीएसए स्तर से दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया हुई, जिसमें बीएसए ने 360 आवेदनों को पात्र घोषित करते हुए 185 आवेदनों में कमियां मिलने पर उन्हें अस्वीकार कर दिया।