लखीमपुर खीरी। हनुमान जन्मोत्सव पर पदयात्रा के कारण शहर में यातायात डायवर्ट किया गया। डायवर्जन के चलते संकटा देवी मंदिर से गुलरी पुरवा हनुमान मंदिर तक वाहनों के लिए हाईवे बंद रहा। रूट डायवर्जन शनिवार सुबह चार से रात 11 बजे तक था, लेकिन राहत मिलने के बाद शाम पांच बजे रूट खोल दिया गया। लखीमपुर से ओयल तक हाईवे बंद होने से सीतापुर-लखनऊ जाने वाले वाहनों को लंबा फेर लगाना पड़ा। इससे लोगों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा।
सीतापुर-लखनऊ जाने वाले वाहन छाउछ चौराहे से बेहजम, कस्ता, मितौली होकर निकले। वहीं कुछ वाहन खीरी टाउन व लहरपुर होकर गुजरे। पलिया-निघासन, सिंगाही, संपूर्णानगर से आने वाले वाहनों की शहर में इंट्री नहीं दी गई। यह सभी वाहन महेवगंज बाइपास से छाउछ चौराहा होकर निकाले गए।
सैधरी बाइपास से शहर की तरफ मेला मैदान की बसों को छोड़कर अन्य बड़े वाहन नहीं आने दिया गया। बहराइच की ओर से राजापुर व रामापुर की ओर से आने वाले वाहनों को एलआरपी की ओर नहीं जाने दिया गया। सीतापुर-लखनऊ जाने वाले वाहनों को खीरी टाउन, जबकि गोला, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली की की ओर जाने वाले वाहनों को सिसैया, धौरहरा, ढखेरवा, निघासन होते हुए रवाना किया जाएगा।
50 किलोमीटर की जगह चलना पड़ा 80 किमीलखीमपुर से सीतापुर की दूरी करीब 50 किलोमीटर है, जिसका सफर मात्र एक घंटे का है। लेकिन रूट डायवर्जन होने से वाहन बेहजम होकर निकाले गए। ऐसे में दूरी 70 से 80 किलो मीटर बढ़ने के साथ ही एक घंटे का समय दो घंटे में तय हो सका। इधर, ओयल में बेहजम तिराहे से वाहनों को रूट डायवर्जन था, जिसकी वजह वहां पर जाम की स्थिति नजर आई।
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शाम पांच बजे खुल गया रूट
रूट डायवर्जन भले ही सुबह चार से देर रात 11 बजे तक लागू किया गया था, लेकिन पदयात्रा शांतिपूर्ण निपट जाने और दोपहर बाद भीड़ कम होने से शाम पांच बजे रूट खोल दिया गया। लखीमपुर से ओयल होकर सभी छोटे-बड़े वाहन निकलने लगे।
एबुलेंस और डॉक्टरों के वाहनों के आवागमन की रही छूट
लखीमपुर से ओयल तक भले ही हाईवे बंद रहा, लेकिन एबुलेंस और डॉक्टर के वाहनों को आवागमन जारी रहा, ताकि मरीजों को दिक्कत न हो। ओयल में जिला अस्पताल होने की वजह से इसका विशेष ध्यान रखा गया। हालांकि शनिवार को अवकाश के चलते हॉफ-डे था, जिसकी वजह से कम मरीज पहुंचे।