धनगढ़ी (नेपाल) के दार्चुला की महाकाली नदी में पड़ी चट्टान। संवाद
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धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल के दार्चुला जिले में पहाड़ी चट्टान के महाकाली नदी में गिरने के बाद चट्टान को तेजी से तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे बाढ़ का ख़तरा टल गया है। खतरा टलने से सीमा क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रदेश के दार्चुला जिले के व्यास गांव पालिका के तहत वार्ड नंबर एक व दो के मालपा क्षेत्र के तहत भारत द्वारा लिपुलेक और मान सरोवर निर्माणाधीन मार्ग का कार्य चल रहा है। एक फरवरी को पहाड़ की एक चट्टान का भारी हिस्सा नेपाल की महाकाली नदी में गिर गया था, जिससे नदी के पानी का बहाव रुक गया था। बहाव रुकने से लगभग 40-50 मीटर तक पानी का जमाव होने से नदी ने झील का रूप ले लिया था। इसको लेकर नेपाल कंचनपुर जिला प्रशासन की तरफ से दो फरवरी को नदी और आसपास क्षेत्र के लिए बाढ़ आने की आशंका का अलर्ट जारी कर दिया था। कंचनपुर जिला प्रशासन के अधिकृत कृष्णानंद जोशी ने पड़ोसी देश भारत के पीलीभीत और लखीमपुर खीरी को नदी में झील फटने से शारदा नदी का भी जलस्तर बढ़ने की आशंका जताते हुए अलर्ट रहने की बात कही थी। उधर, अब चट्टान तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। दार्चुला के डीएम शरद कुमार पोखरेल ने बताया कि भारतीय सड़क निर्माण कंपनी द्वारा नदी में गिरी चट्टान को तोड़कर मलबे को तेजी से हटाने का काम किया जा रहा है। जिससे पानी का बहाव शुरू हो गया है और बाढ़ का खतरा टल गया है।