गोला गोकर्णनाथ/ लखीमपुर खीरी। सर्दी की शुरूआत से बसों की व्यवस्थाएं सुधारने में जुटे गोला डिपो के जिम्मेदार कई बसों की खिड़कियों के टूटे शीशे अब तक सही नहीं करा सके। चालक शीशे की जगह प्लाई और अन्य जुगाड़ के सहारे यात्रियों को सर्दी से बचाने में जुटे हैं। कई बसों में अब तक फॉग लाइट भी नहीं लग सकी हैं।
कड़ाके की सर्दी में गोला डिपो की बसों से सफर करने वाले यात्रियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डिपो की कई अनुबंधित बसों में खिड़कियाें का कांच टूटा है। कुछ बसों में शीशे ठीक से बंद नहीं होते। डिपो की लखीमपुर-शाहजहांपुर रूट पर चलने वाली एक अनुबंधित बस के पीछे साइड की खिड़की में कांच की जगह प्लाई लगी नजर आई।
दोपहर के समय गोला बस अड्डे पर खड़ी एक अन्य अनुबंधित बस में खिड़की का शीशा टूटा दिखा। शीशे को किसी तरह जुगाड़ से रोका गया था। एक अन्य बस की पीछे की खिड़की का कांच सही से बंद नहीं हो रहा था। डिपो की निगम की बसों में भी कई कमियां नजर आईं।
मनमानेे तरीके से रखते हैं सामान, यात्री परेशान
रोडवेज बसों के चालक-परिचालक बस में मनमाने तरीके से सामान भी रखते हैं। यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रविवार की दोपहर लखीमपुर बस अड्डे पर गोला डिपो की निगम की बस में आगे की सीट के पास बड़ी-बड़ी बोरियों में सामान रखा गया था। फायर सिलिंडर इन बोरियों के पीछे छिपा नजर आया। बस अड्डे पर खड़ी एक अन्य बस में एक अतिरिक्त टायर आगे की सीट के नीचे रखा था। यात्रियों को पैर रखने में दिक्कत हो रही थी।
बिना फॉग लाइट दौड़ रहीं बसें
गोला डिपो के जिम्मेदार करीब एक महीने से बसाें में फॉग लाइट लगवा रहे हैं लेकिन निगम और कई अनुबंधित बसें अब तक बिना फाॅग लाइट के ही दौड़ रही हैं। जबकि कोहरा शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश था। रविवार की दोपहर 12.25 बजे लखीमपुर बस अड्डे पर खड़ी गोला डिपो की बस में फॉग लाइट नजर नहीं आई। दोपहर करीब तीन बजे गोला डिपो पर खड़ी गोला-बनारस रूट की बस में भी फॉग लाइट नहीं थी। कई अनुबंधित बसें भी बिना फॉग लाइट के दौड़ रही हैं।
वर्जन
डिपो में निगम की 82 और 30 अनुबंधित बसें हैं। अधिकांश बसों में फॉग लाइट लग चुकी है। शीशे भी दुरुस्त कराए जा चुके हैं। अनुबंधित बस की कमियों को दूर कराने की जिम्मेदारी बस मालिक की होती है। बस की कमियों को जांचकर संचालन कराना हमारी जिम्मेदारी है। पता करेंगे। जिस बस की खिड़की में कांच नहीं होगा, उसका संचालन रोका जाएगा।
- महेश चंद्र कमल, एआरएम गोला