लखीमपुर खीरी। नौ ब्लॉक के 29 गांवों के लोगों को राहत की आस जगी है। मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए इन गांवों में पक्की सड़के नहीं हैं, अब यहां काम शुरू होने की उम्मीद है।
कुछ दिन पहले ही सीडीओ इन गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए पक्की सड़कों का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव शासन को भेज चुके हैं। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में ऐसी सड़को का प्रस्ताव 15 दिन में देने पर जोर दिया तो काम में तेजी आने की उम्मीद है।
पिछले दिनों सीडीओ अभिषेक कुमार की ओर से कराए गए सर्वे में सामने आया था कि नौ ब्लॉकों के 29 गांवों में मुख्यमार्ग से जोड़ने के लिए पक्की सड़कें नहीं हैं। जिसके बाद सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। इन गांवों में 250 से 920 से अधिक आबादी निवास करती है। इसमें ब्लॉक बांकेगंज में तीन, बेहजम में एक, धौरहरा में चार, ईसानगर में एक, बिजुआ में चार, रमियाबेहड़ में 10, लखीमपुर में एक, नकहा में एक, निघासन में तीन और पलिया ब्लाक में एक गांव है, जहां मुख्य मार्ग तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है।
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अजयपुर जाने के लिए नहीं सड़क
मोहम्मदी। गांव गुलरिया परवसतनगर के मजरा अजयपुर में आने-जाने के लिए सड़क नहीं है। ग्रामीण खंडंजे से निकल रहे हैं। मजरे की आबादी 300 के करीब है। बरसात में खंजड़े के ऊपर पानी चलने लगता है।
उचौलिया आने वाला एक किलोमीटर रास्ता खराब
उचौलिया। ग्राम पंचायत कठिघरा और शंकरपुर से उचौलिया आने के लिए करीब एक किमी रास्ता खराब है। इससे क्षेत्र के लोगों को शाहजहांपुर जिला के इटौरिया होकर आना पड़ता है। ग्राम पंचायत बचिगावां के सेमरापुरवा और हरिखापुर तक तथा वनकागांव के मजरा हैवतपुर तक भी पक्की सड़क नहीं बन सकी है।
आजादी के वर्षों बीत जाने बाद भी नहीं पहुंची सड़क
धौरहरा। ब्लॉक रमियाबेहड़ की ग्राम पंचायत सुजानपुर के गांव टेकनदासपुरवा की आबादी 350 है। टेकनदासपुरवा, लोधनपुरवा और कोड़वापुरवा गांवों में जाने का मार्ग कच्चा है। गांव फकीरा बाबा आबादी की 250 है। गांव को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क कच्ची है। रामनगर बगहा ग्राम पंचायत का गांव मदारीपुरवा की आबादी 300 है। सड़क से जोड़ने वाला मार्ग कच्चा है।
ईसानगर के गोडियनपुरवा, गनापुर ढुढकी तक नहीं पहुंची सड़क
धौरहरा। ब्लॉक ईसानगर के गोडियनपुरवा, गनापुर, ढुढकी सहित कई गांव हैं, जहां अभी सड़क नहीं पहुंच सकी है। यहां के लोगों को बरसात के समय काफी दिक्कतें होती हैं। गोडियनपुरवा की आबादी करीब पांच सौ से भी अधिक है। गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पक्की सड़क नहीं है। बाढ़ प्रभावित गनापुर और ढुढकी, गांवों तक अभी कोई सड़क नहीं पहुंची है।
पचासा गांव को सड़क से जोड़ने का प्रमुख खड़ंजा मार्ग। संवाद