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Lakhimpur Kheri News: अंधे मोड़, अवैध कट और गड्ढों के बीच दम तोड़ती सड़क सुरक्षा

Wed, 20 May 2026 12:32 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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बरबर के विराट ऑटो पार्ट्स के  पास टूटी सड़क पर मोड़ के चलते आए दिन होते हैं हादसे। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले में सोमवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हर बड़े हादसे के बाद प्रशासन सख्ती और सुधार के दावे करता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जिले की कई सड़कें आज भी अंधे मोड़, अवैध कट, गहरे गड्ढों और बिना संकेतकों के भरोसे चल रही हैं।
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सोमवार को गई पड़ताल में सामने आया कि जिले में 19 ब्लैक स्पॉट चिह्नित होने के बावजूद कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा। पलिया, धौरहरा, निघासन, मैगलगंज, ओयल, मोहम्मदी और खमरिया क्षेत्र लगातार हादसों के केंद्र बने हुए हैं।

गोटैयाबाग से देवकली तक कई खतरनाक प्वाइंट
शहर के गोला रोड स्थित गोटैयाबाग का अंधा मोड़ लंबे समय से हादसों की वजह बना हुआ है। यहां कोई चेतावनी संकेतक नहीं है। रामापुर-नौरंगाबाद मार्ग, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल बाईपास चौराहा और रेलवे क्रॉसिंग से देवकली जाने वाले तिराहे पर भी यही हाल है। लखीमपुर-पलिया हाईवे पर भीरा के पास गढ़ी फार्म मोड़ और नब्बूपुरवा मोड़ पर संकेतक नहीं लगे हैं। नवंबर में नब्बूपुरवा मोड़ पर दो लोगों की मौत हो चुकी है। सिंगाही-निघासन मार्ग पर गहरे गड्ढे और अयोध्यापुरवा के पास दो अंधे मोड़ हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। मोहम्मदी-लखीमपुर हाईवे पर कई जगह संकेतक मिट चुके हैं।
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धौरहरा और पलिया क्षेत्र में ज्यादा खतरा
धौरहरा-कफारा हाईवे और धौरहरा-बसंतापुर मार्ग पर गड्ढे और तीखे मोड़ हादसों की बड़ी वजह बने हुए हैं। बसंतापुर पुलिया के पास सड़क संकरी है और सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। तीन माह पहले यहां ऑटो पलटने से चार लोगों की मौत हो गई थी।
जलालपुर-तुसौरा अंधे मोड़ पर फरवरी में एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई थी। पलिया-निघासन हाईवे पर 37 किलोमीटर में 12 खतरनाक मोड़ हैं। दुर्गापुरवा और राजापुरवा मोड़ सबसे ज्यादा खतरनाक बताए जाते हैं। बरबर में विराट ऑटो पार्ट्स के पास भी तीखा मोड़ है, लेकिन संकेतक नहीं लगाया गया।

अधूरी सर्विस लेन और अवैध कट बने आफत
मैगलगंज बाइपास पर एक तरफ सर्विस लेन अधूरी है। छोटे-बड़े वाहनों को करीब आधा किलोमीटर तक गलत दिशा में चलना पड़ता है। रात में यहां हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। ओयल क्षेत्र में सीतापुर-लखीमपुर फोरलेन पर ओयल चौकी से बेहजम तिराहे तक करीब एक किलोमीटर में 10 अवैध और मानकविहीन कट हैं। डिवाइडर पर लगी ऊंची लोहे की जालियां और बड़े सीमेंटेड बोर्ड दूसरी ओर से आने वाले वाहन नहीं दिखने देते। यहां जेब्रा क्रॉसिंग और साइन बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। हाल ही में हादसे के बाद जब कस्बा वासियों ने मोर्चा खोला तो पीडब्ल्यूडी ने केवल बस स्टैंड पर जालियों को चार-पांच फिट की दूरी में काट कर कुछ छोटा कर दिया गया।

बैठकों में निर्देश, जमीन पर असर नहीं
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने 28 अप्रैल को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में नए ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने, ब्लाइंड स्पॉट से पहले साइनेज लगाने, सड़क मरम्मत और गड्ढामुक्ति जैसे निर्देश दिए थे, लेकिन पड़ताल में सामने आया कि कई स्थानों पर अब तक सुधार कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।
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हाल के बड़े हादसे
20 मई 2025 : सुंसी मोड़ पर दो कारों की टक्कर में दंपती और पांच वर्षीय मासूम की मौत।
26 सितंबर 2025 : बड़ी नहर पुल पर बस और वैन की भिड़ंत में छह लोगों की मौत।
20 अक्तूबर 2025 : ओयल चौकी के सामने हादसे में आबान और अमन कुरैशी की मौत।
12 दिसंबर 2025 : बेहजम तिराहे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में हसमत अली की मौत।
30 जनवरी 2026 : ओवरलोड ट्रक की टक्कर में दो युवकों की जान गई।
26 अप्रैल 2026 : राहुल वर्मा की बाइक भिड़ंत में मौत हो गई।

बरबर के विराट ऑटो पार्ट्स के  पास टूटी सड़क पर मोड़ के चलते आए दिन होते हैं हादसे। संवाद

बरबर के विराट ऑटो पार्ट्स के  पास टूटी सड़क पर मोड़ के चलते आए दिन होते हैं हादसे। संवाद

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