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जिले में आज तक नहीं भरे जा सके सड़कों के ‘जख्म’

Mon, 04 Dec 2017 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। 
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road - फोटो : amar ujala
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बेअसर रहा गड्ढामुक्त अभियान, लखनऊ-बरेली और पीलीभीत बस्ती नेशनल हाईवे भी खस्ताहाल
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मुख्यमंत्री ने भी स्वीकारा था कि बेहद बदहाल है मैगलगंज से लेकर उचौलिया तक सड़क   

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निकाय चुनाव से पहले हुई में पूरे प्रदेश की सड़कों को एक निर्धारित समय में गड्ढामुक्त कराने का दावा किया था, लेकिन हकीकत यह है कि जिले की अधिकतर सड़कें खस्ताहाल और उनके जख्म नहीं भरे हैं। आलम यह है कि लखनऊ-बरेली हाईवे पर जिले के कस्बा मैगलगंज से लेकर उचौलिया तक सड़क बेहद बदहाल है, जिसे मुख्यमंत्री ने भी स्वीकार करते हुए इसे सपा के कार्यकाल का भ्रष्टाचार बताया और अधिकारियों को जेल तक भेजने की बात कही थी।
जिले की शानो शौकत में सड़कों का रोल अहम माना जाता है। पर यहां तो शहर का मुख्य प्रवेश मार्ग ही अपनी बदहाली बयां कर रहा है। लखनऊ की ओर से आने पर एलआरपी चौराहा से शहर की ओर बढ़ते ही इस मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। कुछ सड़कों को गड्ढा मुक्त अभियान के समय बनाया गया था, लेकिन कुछ दिनों के बाद ही वह भी उखड़ना शुरू हो गईं और अब गड्ढे हो गए हैं। वहीं, सड़कों के खस्ताहाल होने पर गड्ढा मुक्त करने की समय सीमा खत्म होने के बाद शासन ने सभी मार्गों की जांच का आदेश दिया है। जिले में कुछ सड़कों के निर्माण में घपलेबाजी सामने आई और कुछ बनने के कुछ दिनों बाद ही टूट गई। इससे जर्जर हो चुकी सड़कों की जांच का काम अधिकारियों की निकाय चुनाव में व्यवस्तता के कारण अधर में लटका है। अफसरों के अनुसार जांच का काम पूूरा होने के बाद ही सड़कों के निर्माण का अगला चरण पूरा हो सकेगा।
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पुलिया पर बना गड्ढा है जानलेवा
फूलबेहड़। ब्लॉक नकहा से नहर मार्ग के रास्ते पर जाने से गांव दुनवापुरवा के पास पड़ने वाली पुलिया का लिंटर एक साल पहले टूट गया था। इससे बना यह गड्ढा जानलेवा बना हुआ है, लेकिन अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है, जबकि इस मार्ग से दर्जनों गांव जुड़े  है। खंबारखेड़ा चीनी मिल को इलाके का गन्ना इसी मार्ग से सप्लाई होता है। इस पुलिया पर दुर्घटनाग्रस्त होकर कई लोग घायल हो चुके हैं।
 
शहर की सड़क में गड्ढे ही गड्ढे
गुरूनानक इंटर कॉलेज से लेकर ओवर ब्रिज तक मार्ग में गड्ढे ही नजर आएंगे। बरसात के दिनों में हाईवे पर दो फिट तक जलभराव भी हो जाता है। इससे वाहनों के साथ ही स्कूली बच्चों को काफी कठिनाई होती है। परेशानी से आजिज मोहल्ले वासियों ने कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत भी कराया। डेढ़ महीने पहले रोड जाम कर प्रदर्शन को भी मजबूर होना पड़ा। प्रशासन ने लोगों को समझकर सड़क मरम्मत का वादा भी किया। बावजूद रोड की हालत जस की तस है।
 
मैगलगंज-लखीमपुर मार्ग पर उड़ती रहती है धूल
हैरमखेड़ा। मैगलगंज-लखीमपुर मार्ग की हालत सात साल बाद भी खस्ताहाल है। इसका निर्माण 2010 से चल रहा है, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका है। दिनभर सड़क पर धूल उड़ती रहती है। इससे राहगीरों को खासी दिक्कत होती है। काश, मुख्यमंत्री की नजरें इस सड़क पर पड़तीं तो शायद इस इलाके का भी कायाकल्प हो जाता।
 
पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे  
संसारपुर। पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। जिले में बहराइच सीमा से लेकर शाहजहांपुर के खुटार के पास तक यह रोड कई जगहों पर टूट चुकी है। जिला मुख्यालय, कस्बा गोला, तहसील धौरहरा समेत कई प्रमुख मार्ग इससे आकर मिलते हैं, लेकिन गड्ढों के कारण इस पर से यात्रा करने वाले राहगीरों को खासी दिक्कत होती है।

उचौलिया में भी भरे नहीं गए सड़कों के गड्ढे
उचौलिया। योगी सरकार द्वारा 15 जून तक सड़कों के गड्ढे भरने के आदेश के छह माह बीतने के बाद भी क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर गड्ढे बने हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कस्बे में पनाहपुर रोड और बनकागांव रोड पर गड्ढों के चलते लोगों का पैदल चलना तक दूभर है। यहां के निवासी मेवाराम, कुलदीप, सर्वेंश, आदि ने बताया कि पानी का निकास न होने के कारण सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने के लिये अत्यंत धीमी गति से काम चल रहा है, जिससे उस पर भी कई गड्ढे हैं, लेकिन उनको न भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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शासन के निर्देश पर 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चलाया गया था। शिकायत आ रही है कि कुछ सड़कें बनने के कुछ दिनों बाद ही टूटने लगी हैं, जिनकी जांच लंबित है। निकाय चुनाव के कारण इनकी जांच नहीं हो सकी थी। अब ऐसे सभी मार्गों की जांच के उपरांत कार्रवाई की साथ ही नियमानुसार उनका पुन: निर्माण कराया जाएगा।
उमेश नरायण पांडेय, एडीएम।
 
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