मुख्यालय और तहसीलों में कंट्रोल रूम स्थापित
पीएसी फ्लड यूनिट की एक कंपनी जिले में पहुंची
नेपाल मेें हो रही भारी बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। नेपाली नदियों से जिले में बाढ़ आने की आशंका पैदा हो गई है। डीएम आकाशदीप ने एसडीएम, पलिया, निघासन, धौरहरा, लखीमपुर और गोला को निर्देश दिए हैं कि अपनी अपनी तहसीलों में बाढ़ की स्थिति पर सतर्क दृष्टि रखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दें। साथ ही खुद भ्रमण करते हुए सतर्क दृष्टि रखें। किसी भी स्थिति में तत्काल एक्शन लेते हुए एडीएम को अवगत कराएं।
उधर एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि जिले में संभावित बाढ़ के मद्देनजर बाढ़ से होने वाली क्षति को न्यूनतम करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। इसके लिए डीएम कैंप कार्यालय में आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का टेलीफोन नंबर 05872-278100 है। इसी प्रकार बाढ़ से प्रभावित होने वाली जिले की पांचों तहसीलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि तहसील लखीमपुर के कंट्रोल रूम का का टेलीफोन नंबर 05872-272334, तहसील निघासन के नियंत्रणकक्ष का टेलीफोन नंबर 05873-263227, तहसील धौरहरा का टेलीफोन नंबर 05874-244224, तहसील गोला का टेलीफोन नंबर 05876-232153 और तहसील पलिया के नियंत्रण कक्ष का नंबर 05871-234505 है।
उन्होंने बताया कि स्थापित कंट्रोल रूम में जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की राउंड द क्लाक 24 घंटे ड्यूटी लगायी गयी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 21 बाढ़ केंद्र एवं 40 बाढ़ चौकियॉं स्थापित की गयी हैं। स्थापित बाढ़ चौकियों पर राजस्व, चिकित्सा, पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गयी है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित एसडीएम को स्थापित बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने के लिए कड़े निर्देश निर्गत किए गए हैं।
एडीएम ने बताया संभावित बाढ़ से विस्थापित होने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुॅंचाने के लिए कुल 370 नावों, नाविकों का चिह्नांकन कर लिया गया है। इसके अलावा तहसील लखीमपुर, धौरहरा, निघासन और पलिया में उपलब्ध एक-एक मोटरबोट का भी आवश्यकतानुसार उपयोग किया जाएगा। विस्थापित होने वाले परिवारों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक ढंग से रखने के लिए कुल 20 राहत शिविरों, स्थलों का भी चिह्नांकन किया गया है।
पीएसी की फ्लड यूनिट की एक कंपनी जिले में आ चुकी है। इसे तीन पृथक टीम के रूप में धौरहरा, तिकुनिया और पलिया में रखा गया है। पीएसी की उपलब्ध यूनिट का उपयोग बाढ़ की स्थिति में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तहसील धौरहरा के ग्राम हुलासपुरवा, जगंल नंबर तीन, समरदाबदाल, सरैयाकलां और लालापुर मजरा सुजानपुर में नदी से हो रहे कटान को रोकने के लिए अपेक्षित कार्रवाई करने के लिए अधिशाषी अभियंता बाढ़ खंड को कड़े निर्देश निर्गत किए गए हैं।