लखीमपुर खीरी। टेरर फंडिंग के मामले में एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है। नेपाली बैंक का खाता हैक कर 49 लाख रुपये उड़ाने वाले मास्टरमाइंड नाइजीरियाई पीटर हरमन अस्सेंगा समेत तीन लोगों को एटीएस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। उन तीनों से नेपाल मोबाइन फोन नेटवर्क कंपनियों के कई सिम और विदेशी पासपोर्ट मिले हैं। एटीएस अब तीनों आरोपियों को शनिवार को लखीमपुर के सीजेएम कोर्ट में पेश कर सकती है। उसके बाद कस्टडी रिमांड पर लिया जाना संभव है। टेरर फंडिंग मामले में इससे पहले गिरफ्तार अभियुक्तों के नाइजीरिया के लोगों से तार जुड़े होने की आशंका के बारे में अमर उजाला ने पहले ही खुलासा किया था।
निघासन थाना पुलिस और यूपीएटीएस ने 11 अक्तूबर को टेरर फंडिंग का खुलासा करते हुए इज्जतनगर (बरेली) के गांव परतापुर चौधरी के उम्मेद अली और सलीम सलमानी, तिकुनियां (लखीमपुर खीरी) के संजय अग्रवाल और तिकुनियां के गांव बदालपुरवा निवासी एराज अली को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बरेली के परतापुर चौधरी के ही फहीम और सिराजुद्दीन को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुमताज ने 18 अक्तूबर को कोर्ट में समर्पण कर दिया था और लगातार चकमा देने के बाद सदाकत 19 अक्तूबर को पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर बरेली की जिला जेल चला गया था।
फहीम व सिराजुद्दीन से पूछताछ में सामने आया था कि वे दोनों ही मुमताज व सदाकत के जरिए नेपाली खातों से मंगाया गया धन हासिल करते थे। साथ ही पूछताछ में नाईजीरिया के चिनवेउबा एमेका माइकल व पीटर हरमन अस्सेंगा के अलावा मुंबई के अर्जुन अशोक खराडे के नाम सामने आए। इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए इनकी जानकारी मिलने पर एटीएस ने बुधवार व बृहस्पतिवार को तीनों को गिरफ्तार कर लिया। फहीम ने एटीएस को जानकारी दी थी कि चिनेउबा एमेका माइकल उससे यह रकम लेने आता था, जबकि पीटर ने नेपाल के बैंक की वेबसाइट को हैक करके रकम निकाली थी।
एटीएस की पड़ताल में यह सामने आया कि नाईजीरिया मूल के दोनों आरोपियों ने नेपाली बैंक को करोड़ों का चूना लगाया है। इन दोनों द्वारा बैंक ट्रांजेक्शन में दस-दस करोड़ रुपये तक भेजे जाने की पुष्टि हुई है। एटीएस अधिकारियों को कहना है कि इनके द्वारा अब तक ढाई लाख अमरीकी डॉलर का हस्तांतरण किया गया। पड़ताल में सामने आ रहे चौंकाने वाले कई तथ्यों व उनसे जुड़े सवालों का एटीएस फिलहाल जवाब नहीं तलाश सकी है।
पीटर और माइकल के लैपटॉप खंगाले जाएंगे बारीकी से
गिरफ्तार किए गए पीटर हरमन, चिनेउबा एमेका अर्जुन अशोक खराडे के कब्जे से चार मोबाइल सिम कार्ड, तीन लैपटॉप, 13 डोंगल, दो पेन ड्राइव, तीन राऊटर, एक नाइजीरियाई पासपोर्ट व दो नाइजिरयाई पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं। तीनों लैपटॉप से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने की उम्मीद जताई जा रही है, इसलिए एटीएस इन्हें बारीकी से खंगालेगी।
एटीएस के सामने अभी भी हैं कई चुनौतिया
टेरर फंडिंग गिरोह का खुलासा करने में कामयाब रही एटीएस के सामने अभी भी कई बड़ी चुनौती है। अब तक की पूछताछ में मास्टरमाइंड समेत पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद कई सवाल ऐसे हैं, जिन्हें सुलझाना एटीएस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
इन सवालों का जवाब तलाशेगी एटीएस
मास्टर माइंड नाइजीरियाई चिनवेउबा एमेका माइकल, पीटर हरमन अस्सेंगा और अर्जुन अशोक खराड़े ने किन देशों से और किन-किन देशों में रकम ट्रांसफर की।
ट्रांसफर की गई रकम किन गतिविधियों में इस्तेमाल की गई।
2.50 लाख अमेरिकन डालर किन व्यक्तियों और संस्थाओं को भेजी गई।
रुपये ट्रांसफर करने के लिए किन खातों का प्रयोग किया गया।
कोई और गिरोह तो इनकी सहायता नहीं लेता है या करता है।