विकलांगों के लिए हेल्थ सेंटर खुलवाने में लापरवाही बरतना जिला विकलांग कल्याण अधिकारी गणेश प्रसाद को महंगा पड़ गया। डीएम किंजल सिंह ने उन्हें बिना ट्रांसफर के ही कार्यमुक्त कर दिया है। उन्हें मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध किया गया है। डीएम ने डीडीओ अनिल कुमार सिंह को विकलांग कल्याण विभाग का जिम्मा सौंपा है। साथ ही जल्द सेंटर खुलवाने का निर्देश दिया है। डीएम ने कहा कि विकलांग कल्याण अधिकारी ने अपने पद पर रहते हुए काम नहीं किया । ऐसी लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
शहर से सटे भंसड़िया गांव में विकलांगों के लिए हेल्थ सेंटर खुलना था। इस बाबत शासन ने सात महीने पूर्व ही विकलांग कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया था। हेल्थ सेंटर के लिए भंसड़िया में भवन का निर्माण भी कर लिया गया था। यही नहीं शासन ने इसके लिए सात लाख रुपये का बजट भी आवंटित किया था। शासन का निर्देश था कि भवन में हेल्थ सेंटर खोलकर विकलांगों के इलाज और उनकी सुविधाओं के लिए डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। साथ ही स्वास्थ्य से जुड़ी मशीनें भी सेंटर में रखी जाएं। लेकिन कई महीने गुजरने के बाद भी विकलांग कल्याण अधिकारी गणेश प्रसाद ने डॉक्टर और अन्य स्टाफ की तैनाती नहीं की। जिसके कारण हेल्थ सेंटर कागजों तक ही सीमित रहा। विकलांग कल्याण विभाग की ओर से सेंटर खोलने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। डीएम किंजल सिंह ने जब हेल्थ सेंटर के बाबत समीक्षा की तो लापरवाही देखकर सख्त हो गईं। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए विकलांग कल्याण अधिकारी को खीरी जिले से कार्यमुक्त कर दिया। डीएम ने जिला विकास अधिकारी को विकलांग कल्याण विभाग का जिम्मा सौंपते हुए जल्द हेल्थ सेंटर खुलवाने का निर्देश दिया है। डीएम के निर्देश के बाद डीडीओ ने विकलांग कल्याण विभाग का चार्ज भी ग्रहण कर लिया है।
अब तक कई अधिकारियों पर गिर चुकी है गाज
डीएम किंजल सिंह ने लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इससे पहले निर्माण कार्यों में अनियमितता बरतने पर नगर पालिका लखीमपुर के जेई मनोज गुप्ता को जिले से कार्यमुक्त किया गया, उसके बाद वित्तीय मामलों में सीएमओ डॉ. वीएस चौहान हटाए गए। अब लापरवाही बरतने के मामले में विकलांग कल्याण अधिकारी गणेश प्रसाद पर कार्रवाई की गाज गिरी है।