बादल रोज सुबह आसमान में दस्तक देकर लौट रहे हैं। सूरज की तपिश बढ़ते ही बादल गायब हो जाते हैं। रविवार शाम से हवाएं थमी हुई हैं। मौसम में आद्रता होने से उमस बढ़ गई है। चिपचिपी गर्मी से लोग बेहाल हैं। पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा है। तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी शुरू हो गई है। मई से आधी जून तक सुबह-शाम गर्मी से राहत रहती थी लेकिन 15 जून के बाद तो रातें भी बेहद गर्म होने लगी हैं।
दो दिन पहले जिले के कुछ हिस्सों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हुई थी। शहर में अब तक सिर्फ एक बार करीब एक घंटे बारिश हुई है। इस बारिश के बाद जो उमस बढ़ी वह कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। आसमान में तैरते बादल कुछ देर के लिए धूप से राहत जरूर देते हैं लेकिन बादल छटने के बाद सूरज की तपिश असहनीय हो जाती है। एक तो उमस भरी गर्मी ऊपर से कड़ी धूप से लोग बिलबिला उठे हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। यह इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान है। इससे सुबह, शाम और रात की गर्मी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। लोगों का दिन तो किसी तरह कट जाता है लेकिन रात काटनी मुश्किल हो जाती है। लोग रात-रात भर सो नहीं पा रहे हैं।
गर्मी से निजात पाने को लोग दिन में कई-कई बार नहा रहे हैं। बाहर निकलते समय धूप से बचाव के लिए चश्मा पहनने के साथ-साथ सिर और चेहरे को ढक कर निकल रहे हैं। लड़कियां और महिलाएं धूप में निकलने पर विशेष सावधानी बरत रही हैं। इसके बावजूद इस उमस भरी गर्मी ने जिले के जनजीवन को बुरी तरह अस्तव्यस्त करके रख दिया है।