धान के खेतों में सूड़ी लगने से फसलें सूखने लगी हैं। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं।
क्षेत्रीय किसान गन्ने के भुगतान, बाढ़ की समस्याओं से अभी जूझ ही रहे थे कि अब धान की फसलों में सूड़ी लग गई। इसके लगने से धान के पौधे सूखने लगे हैं और किसानों के माथों पर चिंता की लकीर खिंच गईं हैं। यह किसानों पर दोहरी मार है और इस मार से वे सोच नहीं पा रहा है कि वह क्या करें क्या न करें। बता दें कि किसान की बाढ़, बारिश, ओलावृष्टि और गन्ना भुगतान न होने से आर्थिक कमर पहले ही टूट चुकी है।