लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ ने हमला कर एक गैंडा को मार डाला। घटना दक्षिण सोनारीपुर रेंज के प्रथम गैंडा पुनर्वास केंद्र की है। बुधवार की गश्त करते हुए टीम वहां पहुंची तो बाघ गैंडा का मांस नोचते दिखा।
लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व की दक्षिण सोनारीपुर रेंज में स्थापित प्रथम गैंडा पुनर्वास केंद्र में बाघ के हमले से एक मादा गैंडा की मौत हो गई। बुधवार को सुबह गैंडा मानीटरिंग टीम हाथियों पर सवार होकर गश्त कर रही थी। तभी प्रथम गैंडा पुनर्वास केंद्र के अमहा ताल में एक बाघ पानी में लगभग आधे डुबे हुए गैंडा के ऊपर दिखाई दिया।
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टीम ने उसका फोटो खींचा और बाघ को वहां से भगाया। इसके बाद टीम ने पूरी सावधानी पूर्वक उसका निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गैंडा, बाघ द्वारा घायल किए जाने की पुष्टि हुई। बारीकी से निरीक्षण करने पर यह पाया गया कि बाघ के हमले से गैंडा की मौत हो चुकी थी।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड निदेशक डॉ. एच राजा मोहन ने बताया कि पोस्टमॉर्टम में यह बात स्पष्ट हुई है कि बाघ के हमले में गैंडे की मौत हुई है। मृत गैंडा की पहचान राजेश्वरी मादा गैंडा के रूप में की गई है।