वन और पशु अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
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लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क की सोनारीपुर रेंज स्थित गैंडा पुनर्वास योजना फेज वन में सोमवर सवेरे एक नर गैंडे का शव बरामद हुआ। गश्ती टीम की सूचना पर पहुंचे वन अधिकारियों ने गैंडे की मृत्यु की पुष्टि की है। अधिकारियों को आशंका है कि बाघ और गैंडे के बीच हुए संघर्ष के चलते गैंडे की मौत हुई है। घटनास्थल के आसपास बाघ के पगचिन्ह मिले हैं। गैंडे का शव 10 से 15 दिन पुराना बताया जाता है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक/ एफडी बी प्रभाकर ने बताया कि गैंडा पुनर्वास योजना फेज वन में सोमवार सवेरे हाथियों से गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम को एक नर गैंडे का शव पड़ा दिखाई दिया। जिसकी उम्र ढाई से तीन वर्ष के आसपास है। गश्ती दल की सूचना पर पशु चिकित्सकों की टीम के साथ वनाधिकारियों का दल घटनास्थल पर पहुंचा। जहां गैंडे का शव बरामद हुआ।
शव का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद पशु चिकित्सकों की टीम में शामिल डिप्टी सीवीओ डॉ. मोहम्मद असलम, पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर व डब्ल्यूटीआई के डॉ. कनिन चांगमाई ने बताया कि शव के निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि बाघ से संघर्ष के बीच गैंडे की मौत हुई है। एफडी ने बताया घटनास्थल के आसपास कैमरे लगवाए गए हैं। वन कर्मियों की टीम को गैंडों की निगरानी में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।